नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। दुनिया के टॉप 100 अस्पतालों में दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) प्रतिष्ठित अस्पताल एम्स भी शामिल हो गया है। इसे 97वां श्रेष्ठ अस्पताल का दर्जा मिला है। यह रैंकिंग अमेरिका की साप्ताहिक समाचार पत्रिका न्यूजवीक और जर्मनी की संस्था स्टेटिस्टा ने विश्व के 2024 के सर्वश्रेष्ठ अस्पतालों की सूची जारी करते हुए दी है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यह मान्यता चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (Medical Research Institute) और अस्पताल को इसकी स्वास्थ्य देखभाल, एडवांस मेडिकल रिसर्च और किफायती इलाज के लिए दी गई है। न्यूजवीक-स्टेटिस्टा की रैंकिंग के 6 संस्करण में 30 देशों के 2,400 से अधिक अस्पतालों का विभिन्न आधारों पर मूल्यांकन किया गया है.
रैंकिंग में भारत के अन्य अस्पताल भी
जानकारी के मुताबिक भारत के दो अन्य अस्पतालों को भी इस वैश्विक सूची में शामिल किया गया है। इसमें गुड़गांव के मेदांता अस्पताल को 146वां पायदान मिला है। इसे हृदयरोग, कैंसर और ऑर्गन ट्रांसप्लांट जैसी विशेषताओं में अत्याधुनिक तकनीक और विशेषज्ञता के लिए मान्यता दी गई है। रैंकिंग जारी करते हुए कहा गया है कि इसमें चंडीगढ़ स्थित स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (PGIMER) को 228वां स्थान मिला है। इस संस्थान को साल 1962 में स्थापित किया गया था। गौरव की बात यह है कि वैश्विक रैंकिंग में इन भारतीय अस्पतालों का शामिल होना स्वास्थ्य सेवा में भारत की बढ़ती प्रमुखता को सामने रखता है। यह बताता है कि कैसे हेल्थ केयर सिस्टम में भारत में सुधार हो रहा है और वैश्विक स्तर पर भारत के अस्पताल कामयाबी हासिल कर रहे हैं। एम्स दिल्ली, मेदांता और पीजीआईएमईआर आदि वर्ल्ड-क्लास मेडिकल केयर देने के कारण इस रैंकिंग में आ पाये हैं।
एम्स में हजारों मरीजों का इलाज
एम्स दिल्ली देश का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज है। यहां देश और विदेश से इलाज करवाने के लिए मरीज आते हैं। यहां एडवांस तकनीक की मदद के मरीजों का इलाज किया जाता है। इसकी स्थापना 1956 में हुई थी। एम्स में रोजाना औसतन 12 से 15 हजार मरीज ओपीडी के लिए आते हैं। एम्स में इलाज के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से इलाज के लिए समय लिया जा सकता है। एम्स अस्पताल में कई गंभीर बीमारियों का भी इलाज होता है।
