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स्वस्थ भारत ही समृद्ध—विकसित भारत की नींव : अनुप्रिया पटेल

स्वस्थ भारत ही समृद्ध—विकसित भारत की नींव : अनुप्रिया पटेल

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि देश की स्वास्थ्य सेवा में एक नए युग की शुरुआत हुई है। स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूती देने से ही भारत समृद्ध होगा और यही विकसित भारत की नींव होगी। प्रधानमंत्री ने 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प करोड़ों देशवासियों के साथ लिया है।

स्वस्थ भारत : मिली नई स्वास्थ्य नीति

एक दैनिक समाचार पत्र के आयोजन में भाग लेते हुए भोपाल में उन्होंने कहा कि जब 2047 में हम विकसित भारत की बात करते हैं, तो हमारे मन में ये सवाल लाजिमी हो जाता है कि जब देश अपनी आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब देश की सेहत कैसी होनी चाहिए। हमारी सरकार ने देश की सेहत दुरुस्त करने का काम 11 वर्षों से तेजी से बढ़ाया है। 2014 में जब हमारी सरकार बनीं तो सबसे पहला काम जो हमने किया, दशकों पुरानी स्वास्थ्य नीति को बदलने का, 2017 में हमने नई स्वास्थ्य नीति देश को सौंपी। हम पहले क्यूरेटिव हेल्थ की बात करते थे, लेकिन आज हमारी नई स्वास्थ्य नीति निवारक, संवर्धनात्मक, उपचारात्मक, पुर्नवास और उपषामक है। सरकार इस समग्र दृष्टिकोण के साथ देश के स्वास्थ्य के ढांचे को मजबूत करने में लगी हुई है। हमारी नई नीति के केंद्र में है यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज, यानी देश के एक-एक नागरिक के लिए स्वास्थ्य सेवा सुलभ, किफायती और गुणवत्तापूर्ण हो। इसके लिए जरूर है कि स्वास्थ्य का पूरा जो पिरामिड है, यानी प्राइमरी, सेकेंडरी, टर्शरी- इन तीनों को मजबूत करें।

स्वस्थ भारत: आरोग्य मंदिरों में 12 सेवाएं

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज देश में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा एक लाख 77 हजार आयुष्मान आरोग्य मंदिर के द्वारा देश के आम नागरिक को पहुंचाई जा रही है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर आज केवल पुरानी पद्धति पर चलकर जो मातृत्व और बच्चों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित नहीं है। बल्कि इन आरोग्य मंदिरों में आज 12 प्राथमिक सेवाओं का पैकेज हर नागरिक को उपलब्ध कराया जा रहा है। जब हम 12 सेवाओं की जब हम बात करते हैं तो सभी जरूरी सेवाएं इसमें आ जाती है। मानसिक और मौखिक स्वास्थ्य, ईएनटी, आई केयर, फर्स्ट लेवल ट्रॉमा और इमरजेंसी केयर या टेली कंसल्टेंसन, सारे इन 12 सेवाओं के पैकेज में हैं। ये सब कुछ किसी भी सामान्य नागरिक के लिए सबसे बुनियादी स्तर पर एक स्वास्थ्य केंद्र होता है, आयुष्मान आरोग्य मंदिर में हैं।

स्वस्थ भारत: रोग से बचाव जरूरी

उन्होंने कहा कि जब हम देश की सेहत करते हैं, तो हम कहते हैं कि फ्यूचर ऑफ हेल्थ इज प्रिवेंटिव, रोग के उपचार से अधिक हमें रोग के बचाव पर ध्यान देने की आवश्यकता है। कोई बीमारी गंभीर रूप धारण न करे, इसके प्रबंध करने हैं इसलिए प्रिवेंटिव पर हमारी सरकार ने बहुत काम किया है। प्रिवेंटिव हेल्थ के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिर बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। आज देश के अंदर हमारा खराब खान-पान, हमारी जीवनशैली इतनी अनियमित है जिसके चलते गैर-संचारी रोग बहुत बढ़ रहे हैं। कैंसर, डायबिटीज, हाइपरटेंशन, ह्रदय रोग बहुत आम हो चुका है। देश के नागरिक इन सबकी गिरफ्त से बच जाएं, इसके प्रबंध हमने वहां किए हैं।

स्वस्थ भारत : 94 फीसद तक टीकाकरण

उन्होंने कहा कि हमारा सबसे बड़ा कदम प्रिवेंटिव हेल्थ की दिशा में है, वो हमारा राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम, जिसमें प्रतिवर्ष 2.6 करोड़ नवजात शिशुओं, 2.9 करोड़ गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण करते हैं। इस कार्यक्रम के चलते हमने आज बहुत सारे नवजात शिशुओं और माताओं का जीवन बचाया है। पहले टीकाकरण में जितने वैक्सीन होते थे, हमने उसमें छह और नए वैक्सीन जोड़े हैं। हमारी सरकार से पहले पूर्ण टीकाकरण 85 फीसद होता था। लेकिन हमने तेजी से काम किया और आज 94 फीसद से ज्यादा बढ़ चुका है। मध्य प्रदेश में संपूर्ण टीकाकरण कवरेज 93 फीसद से ज्यादा हो चुका है। हम इट राइट इंडिया कार्यक्रम चलाते हैं। इसके माध्यम से देश भर के नागरिकों को हम जागरुक करने की कोशिश कर रहे हैं कि उनके लिए सही आहार क्या है? उन्हें ऐसा आहार लेने की जरुरत जो स्वच्छ है, सुरक्षित है, जो स्थानीय रूप से उपलब्ध, जो मौसमी, जो पोषणयुक्त और जो टिकाऊ है।

स्वस्थ भारत : मोटापे के खिलाफ नया मंत्र

मंत्री ने कहा कि आप अपने जीवन में इस मंत्र को लागू करें—थोड़ा तेल कम, थोड़ा चीनी कम, थोड़ा नमक कम। पूरी दुनिया के लिए मोटापा सार्वजनिक स्वास्थ्य की बहुत बड़ी चुनौती बन गई है यानी 2050 तक 44 करोड़ लोग मोटापे के शिकार होने जा रहे हैं। देश के अंदर 24 फीसद महिलाएं और 23 फीसद पुरुष मोटापे से ग्रसित हैं। इसलिए प्रधानमंत्री ने कहा है कि 10 फीसद हम तेल कम कर लें तो मोटापे के खिलाफ जो संकल्प देश ने लिया है, उसको हम सब मिलकर पूरा कर सकते हैं।

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