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हेल्थ के क्षेत्र में उतरेगा अडाणी ग्रुप, बनेगा हेल्थ टेंपल

हेल्थ के क्षेत्र में उतरेगा अडाणी ग्रुप, बनेगा हेल्थ टेंपल

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। देश के अरबपति उद्योगपति गौतम अडाणी अब हेल्थकेयर के क्षेत्र में भी उतर रहे हैं। उन्होंने ऐलान किया है कि अडाणी परिवार स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट के लिए पहले से घोषित 60,000 करोड़ के निवेश का बड़ा हिस्सा अब देश की हेल्थकेयर व्यवस्था को बेहतर बनाने में लगाएगा। कल ही मुंबई में देशभर के सर्जनों को संबोधित करते हुए गौतम अडाणी ने कहा कि भारत में लोगों की रीढ़ की समस्याएं बहुत बढ़ रही है और पीठ दर्द देश में दिव्यांगता का सबसे बड़ा कारण बन गया है। उन्होंने कहा—अगर हमारे लोग खड़े नहीं हो सकते, तो भारत कैसे उठेगा?

शुरुआत मुंबई और अहमदाबाद से

अदाणी समूह की योजना है कि मुंबई और अहमदाबाद से शुरुआत करते हुए वे ‘Adani Healthcare Temples’ नाम के बड़े और आधुनिक अस्पताल बनाएंगे। हर एक अस्पताल में 1000 बेड होंगे और ये पूरी तरह से AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) पर आधारित होंगे। इस प्रोजेक्ट के लिए अडाणी ग्रुप ने अमेरिका की मशहूर मेयो क्लिनिक से साझेदारी की है। ये अस्पताल सिर्फ इलाज के लिए नहीं होंगे, बल्कि यहां मेडिकल रिसर्च, पढ़ाई और ट्रेनिंग भी एक ही परिसर में होगी। अडाणी ने कहा कि इन अस्पतालों का मकसद मौजूदा हेल्थ सिस्टम से मुकाबला करना नहीं, बल्कि उन जगहों पर काम करना है जहां अभी सुविधाएं नहीं हैं।

देशभर में फैलेंगे अस्पताल

अडाणी ने कहा–यह बदलाव नहीं, क्रांति है। गौतम अडाणी ने कहा—“हमने हेल्थकेयर में इसलिए कदम रखा क्योंकि इस क्षेत्र में जो गति थी, वह काफी नहीं थी। यह सिर्फ बदलाव नहीं, एक क्रांति है।” उन्होंने मेडिकल प्रोफेशनल्स से अपील की कि वे इस मिशन से जुड़ें, चाहे वो AI से स्पाइन डायग्नोसिस बनाना हो, मोबाइल ऑपरेशन थिएटर तैयार करना हो या फिर नई पीढ़ी के सर्जिकल सेंटर। उन्होंने बताया कि मुंबई और अहमदाबाद के बाद इस अस्पताल श्रृंखला को देश के दूसरे शहरों में भी ले जाया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश है कि देश में एक ऐसा हेल्थ सिस्टम तैयार हो, जो सस्ता, टिकाऊ और भविष्य की किसी भी महामारी के लिए तैयार हो।

इंफ्रास्ट्रक्चर से समाज सेवा की ओर

अब तक ऊर्जा और इन्फ्रास्ट्रक्चर में बड़ी भूमिका निभाने वाले अडाणी समूह की ये नई पहल दिखाती है कि वे अब समाज को सीधे प्रभावित करने वाले क्षेत्रों में भी बड़े निवेश कर रहे हैं। उन्होंने इसे भारत के उत्थान की “रीढ़” कहा और बताया कि उनका लक्ष्य अगले पांच साल में कुल 100 अरब डॉलर (लगभग 8.3 लाख करोड़) का निवेश करना है। उन्होंने देश के अग्रणी स्पाइन सर्जनों और मेडिकल इनोवेटर्स से अपील की कि वे भारत के हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर को राष्ट्र के विकास की ‘रीढ़’ के रूप में फिर से कल्पना करें। उन्होंने कहा कि दुनिया आपको स्पाइन डॉक्टर कहती है, लेकिन आपके मरीज आपको उम्मीद के रूप में देखते हैं। मुन्‍नाभाई MBBS को अपनी पसंदीदा फिल्मों में से एक बताते हुए उन्होंने याद दिलाया, ‘अच्छा इलाज सिर्फ सर्जरी से नहीं होता… इलाज उम्मीद है, इलाज इंसानियत है।’

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