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Slow poison से कम नहीं चिप्स, बिस्किट और पेस्ट्री

Slow poison से कम नहीं चिप्स, बिस्किट और पेस्ट्री

पल्लवी कुमारी

नयी दिल्ली। आजकल हर घर के बच्चों की पसंद है चिप्स, बिस्किट और पेस्ट्री। सयानों को भी नाश्ते में यही पसंद है। लेकिन आपको यह जानकर हैरत होगी कि पहले से तैयार इन नाश्तों में धीमा जहर है जो आपकी पाचन प्रक्रिया को बेपटरी कर देता है। आपकी आंतें खराब होती जाती है और अंत में स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। चलिए इसके बारे में जाना जाए।

क्या है यह Slow poison

दरअसल ऐसी सारी चीजें प्रोसेस्ड फूड होती है जिसमें माल्टोडेक्सट्रिन (Maltodextrin) होता है। यह प्रकार का पाउडर है जो कॉर्न, चावल, गेहूं से निकाले गए स्टार्च, आलू के स्टार्च और तमाम प्रकार के एंजाइम्स और एसिड को मिलाकर तैयार किया जाता है। देखने में यह कॉर्न स्टार्च जैसा ही लगता है और अलग-अलग तरह के प्रोसेस्ड फूड को बनाने में इस्तेमाल किया जाता है। ध्यान देने वाली बात यह है कि इसके सेवन से आपके शरीर के कई अंगों को गंभीर नुकसान हो सकता है। यह सभी प्रोसेस्ड या फ्रोजन फूड्स में पाए जाते हैं जिन हम रोज खा रहे हैं। मुख्य रूप से ये चीजों को गाढ़ा करने और स्वीटनर के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इतना ही नहीं शुगर फ्री चीजों में भी यह होता है और इसका शरीर पर काफी गंभीर प्रभाव देखा जा सकता है। इन चीजों का अधिक सेवन हार्ट अटैक सहित सेहत से जुड़े कई खतरों को बढ़ा सकता है।

इन चीजों में Slow poison

माल्टोडेक्सट्रिन हर पैकेट बंद चीजों में पाया जाता है जैसे सूप, नमकीन और कुकीज, बिस्किट, पॉपकॉर्न, सॉस, फ्रोजन फूड्स और शुगर फ्री फूड्स आदि। एक्स्पर्ट बताते हैं कि माल्टोडेक्सट्रिन का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 80 और 120 के बीच होता है। यह ग्लूकोज की तरह ही ब्लड शुगर बढ़ाने का कारण बनता है। पर लोगों को इस बारे में पता नहीं होता और अनजाने में भी लगातार माल्टोडेक्सट्रिन वाले फूड्स के सेवन से शुगर बढ़ता जाता है। लंबे समय में इससे डायबिटीज की समस्या भी हो सकती है।

Slow poison कई रोगों की जड़

इसका सबसे बड़ा नुकसान यह है कि यह गट बैक्टीरिया को प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा यह एलर्जिक रिएक्शन, स्किन रैशेज, ब्लोटिंग और गैस की वजह बन सकता है। इसके अलावा लंबे समय तक माल्टोडेक्सट्रिन वाले खाद्य पदार्थों का सेवन आपका वजन बढ़ा सकता है। यह क्रेविंग बढ़ाने के साथ शरीर में तमाम एंजाइम्स के काम काज को बिगाड़ सकता है। इन चीजों का ज्यादा सेवन करना पेट के नेचुरस लेयरिंग को प्रभावित कर सकता है जिससे तमाम प्रकार की पेट की जुड़ी बीमारियां हो सकती हैं। इनके ज्यादा सेवन से नहीं बच सके तो शुगर की समस्या हो सकती है। हार्मोनल हेल्थ भी बिगड़ सकता है और फिर थायराइड आदि की समस्या भी हो सकती है। तो जितना हो सके उतना नेचुरल फूड्स का सेवन करें और घर का बना खाना खाएं।

साभार

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