स्वस्थ भारत मीडिया
समाचार / News

The thermometer-नवाचार ने आर्थोपेडिक क्षेत्र को आसान बनाया: डॉ. अरोड़ा

नवाचार ने आर्थोपेडिक क्षेत्र को और आसान बनाया: डॉ. अरोड़ा

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। आर्थोपेडिक के क्षेत्र में इतने नवाचार हो रहे हैं कि पहले जैसी दिक्कत समाप्त हो गयी है। तकनीक के प्रवेश ने न केवल डॉक्टर बल्कि मरीज तक को राहत दी है। ‘स्वास्थ्य की बात आशुतोष के साथ’ यानी यूट्यूब के The  thermometer के पहले एपिसोड में देश के जाने-माने ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. दीपक कुमार अरोड़ा के साथ हुई बातचीत में यह बात उभर कर सामने आयी। आप पाठकों के लिए प्रस्तुत है डॉ. अरोड़ा से बातचीत।

Link: https: The thermometer //www.youtube.com/watch?v=rJRGMNyi9x4

आशुतोष: डॉ. साहब, आप बताएं कि आर्थोपेडिक का क्षेत्र आज कहां तक पहुंचा?
डॉ. अरोड़ा: इस क्षेत्र ने पिछले 25 सालों में काफी तरक्की कर ली है। इसे केवल फ्रैक्चर के मामले से समझा जा सकता है। पहले फ्रैक्चर के बाद प्लास्टर कर दिया जाता था। एक निर्धारित समय तक मरीज को उसी के साथ रहना पड़ता था। तकलीफें झेलनी होती थी। अब इंप्लांट की दुनिया आ चुकी है। टूटी हड्डी के साथ रॉड लगा दी जाती है। ज्वायंट रीप्लेसमेंट के केस में तो जादू हो गया है। अब हर तरह के जोड़ जोड़े जा सकते हैं। इसमें डरने जैसी बात रही नहीं। 15—20 सालों से तो यह आम बात हो चुकी है।

#The thermometer

आशुतोष: इधर के दिनों का कोई खास मामला?
डॉ. अरोड़ा: अब तो कोहनी (Elbow) के केस भी आसानी से निबटाए जाते हैं। रोबोटिक्स के आने से इसमें काफी आसानी हो गयी है। सर्जरी से पहले ही सारा पिक्चर सामने आ जाता है। रोबोटिक्स से घुटने की आयु भी बढ़ गयी है।

#The thermometer

आशुतोष: कितना चांस है कि यह ठीक ही हो जाए?
डॉ. अरोड़ा: एकदम 90 प्रतिशत सफल सर्जरी मानी जाती है। यह सब तो कॉमन हो गया है जैसे मोतियाबिंद की मामूली सर्जरी।

#Thet hermometer

आशुतोष: लेकिन क्या करें कि इस तरह की स्थिति से बचा जा सके?
डॉ: अरोड़ा: एक उम्र के बाद सीढ़ी से चढ़ना—उतरना, उठक—बैठक, दौड़ना आदि से घुटनों पर जोर पड़ता है। दूसरे, इससे बचाव में खान—पान का भी बड़ा रोल है। हल्दी, लहसुन, विटामिन डी, पनीर, अंडा आदि का सेवन करना चाहिए। शाकाहारी हैं तो सोयाबीन, हरी सब्जी, आंवला, ब्रोकली और मांसाहारी हैं तो अंडा और चिकन। दूध तो सिर्फ कैल्शियम देगा। पिस्ता, कीवी भी डायट में रहे। एक्सरसाइज, वॉक के साथ साइकिल भी चलाना चाहिए।

#The thermometer

आशुतोष: बतौर डॉक्टर आप क्या संदेश देना चाहेंगे?
डॉ. अरोड़ा: जिंदगी में हर काम के लिए समय बांट लें। नींद पूरी लें। एक्सरसाइज करें। हेल्दी डायट लें। सबसे बड़ी बात, सेहत की जिम्मेवारी लें। अपने पर समय दें।

#The thermometer

Related posts

साइबर फोरेंसिक साक्ष्यों को लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम

admin

कोरोना से लड़ते गांव-देहात को सलाम

admin

डीएनए बिल-2019: अपराधियों की खैर नहीं…

Leave a Comment