स्वस्थ भारत मीडिया
समाचार / News

NMC: बंद होगा मेडिकल पीजी डिप्लोमा कोर्स

NMC: बंद होगा मेडिकल पीजी डिप्लोमा कोर्स

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने देश में पीजी चिकित्सा शिक्षा को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए तय किया है कि सत्र 2026-27 पोस्टग्रेजुएट डिप्लोमा मेडिकल कोर्स में प्रवेश का अंतिम वर्ष होगा। इसके बाद 2027-28 सत्र से इन पाठ्यक्रमों में नए दाखिले नहीं लिए जाएंगे। आयोग ने कहा कि सभी पीजी डिप्लोमा कोर्स को चरणबद्ध तरीके से समाप्त कर उन्हें संबंधित ब्रॉड स्पेशियलिटी डिग्री पाठ्यक्रमों यानी MD (डॉक्टर ऑफ मेडिसिन) और MS (मास्टर ऑफ सर्जरी) में बदला जाएगा। एनएमसी के पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन बोर्ड (PGMEB) ने मेडिकल कॉलेजों को निर्देश दिया है कि वे अपने डिप्लोमा पाठ्यक्रमों की सीटों को एमडी/एमएस सीटों में बदलने की प्रक्रिया शुरू करें। इसके लिए कॉलेजों को मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (MARB) के पास आवेदन करना होगा। आयोग ने बताया कि इस प्रक्रिया के लिए एमएआरबी जल्द ही एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल शुरू करेगा। आवेदन की समय-सीमा और विस्तृत दिशा-निर्देश अलग से जारी किए जाएंगे।

NMC: डिग्री कोर्स चलाना ज्यादा आसान

रिपोर्ट के अनुसार एनएमसी ने कहा है कि देश के कई मेडिकल कॉलेजों में एक ही विषय में डिप्लोमा और डिग्री दोनों तरह के कोर्स संचालित हो रहे हैं, जबकि कुछ संस्थान केवल डिप्लोमा कार्यक्रम चला रहे हैं। आयोग का मानना है कि इन संस्थानों में पहले से ही पर्याप्त बुनियादी ढांचा, फैकल्टी और क्लिनिकल सुविधाएं मौजूद हैं, जिनके आधार पर डिग्री कोर्स आसानी से संचालित किए जा सकते हैं। हालांकि, सीटों के रूपांतरण की मंजूरी तभी मिलेगी जब संबंधित संस्थान एनएमसी द्वारा निर्धारित मानकों और आवश्यकताओं को पूरा करेंगे। उसका कहना है कि इस कदम का उद्देश्य देशभर में पीजी चिकित्सा शिक्षा को अधिक मानकीकृत बनाना है। साथ ही विशेषज्ञ चिकित्सा प्रशिक्षण की मान्यता को मजबूत करना और मौजूदा शैक्षणिक मानकों के अनुरूप योग्यताओं को सुनिश्चित करना भी इसका प्रमुख लक्ष्य है। इससे मेडिकल संस्थानों की उपलब्ध क्षमता का बेहतर उपयोग हो सकेगा और भविष्य में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैयारी अधिक व्यवस्थित तरीके से हो पाएगी। आयोग ने अपने अधीन सभी मेडिकल कॉलेजों, राज्य चिकित्सा शिक्षा विभागों और विश्वविद्यालयों को अनुपालन के लिए इसकी सूचना भेज दी है। साथ ही समय रहते आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

Related posts

Amid Lockdown 1st Inclusive COVID-19 Fighters Live eHEALTH Summit Held

Ashutosh Kumar Singh

कोविड-19: मीडिया कर्मियों की छटनी और वेतन कटौती पर केंद्रीय श्रम मंत्रालय से दखल का अनुरोध

Ashutosh Kumar Singh

Spinning of charkha is a harbinger of psychological and emotional well-being.

Ashutosh Kumar Singh

Leave a Comment