न्यू (स्वस्थ भारत मीडिया)। राष्ट्रीय चिकित्सा विज्ञान परीक्षा बोर्ड (एनबीईएमएस) ने देश भर में 30 अगस्त को व्यापक लॉजिस्टिक, तकनीक, सुरक्षा व्यवस्था के साथ एनईईटी पीजी 2026 परीक्षा आयोजित की। 339 शहरों के 1,111 निरीक्षणों पर 2,73,096 जनसंख्या का निरीक्षण किया गया। परीक्षा के लिए कुल 2,65,980 अभियोक्ता उपस्थित हुए। परीक्षण के दौरान व्यापक रूप से तत्क्षण पर्यवेक्षक और विशिष्ट उपाय सुरक्षा दिए गए थे। नीट यूजी की परीक्षा में छात्रों की ली गई व्यवस्था की व्यवस्था की गई थी।
जयपुर में 5 सितंबर को पुन:परीक्षा
सीसीटीवी की लाइव निगरानी में भी निरीक्षण किया गया। एनबीएईएमएस कमांड सेंटर के द्वारका स्थित मुख्यालय से इसकी लगातार इस पर नजर रखी जा रही थी। एनबीएईएमएस और टीसीआई की 190 टीमों की निगरानी और निरीक्षण के लिए एक समर्पित टीम की स्थापना की गई थी। मुख्यालय में नियुक्त कमांड सेंटर में एनबीएईएमएस, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, बीईएल, ईसी आईएल और टीसी के अधिकारियों ने पूरे दिन परीक्षा प्रक्रिया की निरंतर निरंतर निगरानी बनाए रखी। सुरक्षा को और मजबूत करने और सुरक्षा को रोकने के उपायों के रूप में परीक्षण करने के लिए, जेल के आधार-संचालन को नियंत्रित किया गया। सरकारी लाइसेंस ने सुरक्षित और सुरक्षा ऑपरेशन के लिए अपना पूरा सहयोग दिया। जयपुर में रेस्टोरेंट टेक्नोलॉजी कोलोराडो में आयोजित होने वाली एजेंसी टी.सी.आर.सी. लिमिटेड के कारण 2,445 आंतरिक बिजली आपूर्ति की सिफारिशों का परीक्षण आयोजित किया गया। रिक्वेस्ट के कंप्यूटर बार—बार इंजीनियर हो जा रहे थे। एनबीएमईएमएस ने मजबूत कदम उठाए पुन: परीक्षण शनिवार, 5 सितंबर को लेने की घोषणा की है। वैसे इस प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच राजस्थान कैडर की वरिष्ठ एवं तेजतर्रार अधिकारी आईएएस गायत्री राठौड़ को सौंपी गई है। उनके नेतृत्व में गठित जांच टीम मामले की गहराई से पड़ताल करेगी।
