स्वस्थ भारत मीडिया
समाचार

एईएस पर शोध के लिए विदेश से आएगी टीम

 
10354964_1448758685371312_2792121537687492699_n
 
 
एईएससे बचाव के उपाय की खोज के लिए अब जर्मनी के विशेषज्ञ भी शोध करेंगे। शोध के लिए विशेषज्ञ यहां आएंगे। उनके साथ alt147 क्लाइमेट चेंज इम्पैक्ट ऑन वेक्टर बॉर्न डिजीज लाइक मलेरिया एंड जापानी एंसेफ्लाइटिस’ विषय पर पीएचडी कर रहे छात्र भी शामिल होंगे। नेशनल वेक्टर बॉर्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम, दिल्ली के निदेशक डॉ. एसी धारीवाल ने एसकेएमसीएच के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. गोपाल शंकर सहनी को लिखे पत्र में यह जानकारी दी है। उन्होंने लिखा है कि अब तक इन्फेक्शन और वायरस को लेकर शोध होता रहा है। इसी कड़ी में जर्मनी के विशेषज्ञ गर्मी नमी पर की गई शोध पर सकारात्मक मंतव्य दिए हैं। जर्मन विशेषज्ञ ने ह्यूमिडिटी, रेनफाॅल और टेम्प्रेचर से एईएस होने के कारणों की आशंका जताई है। निदेशक ने डॉ. सहनी से शोध में सहयोग और समन्वय का अनुरोध किया है। इधर, डॉ. सहनी ने बताया कि उन्हें पत्र मिला है। क्लाइमेट चेंज, मानसून, फ्लड, साइक्लोन, अरबन हीटिंग, गंगा के बदलते स्वरूप समेत कई बिंदुओं पर शोध होगा। यह शोध भविष्य में ग्लोबल वार्मिंग को लेकर शोध में भी मदद करेगा।

Related posts

10 हजार किमी की यात्रा कर स्वस्थ भारत यात्री पहुंचे गुवाहाटी

शारीरिक चक्रों के संतुलन से बनता है स्वस्थ शरीर

swasthadmin

New way found to enhance strength and ductility of high entropy alloys

swasthadmin

Leave a Comment