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Air Pollution: दिल्ली सबसे साफ तो छपरा प्रदूषण की राजधानी

दिल्ली सबसे साफ तो छपरा प्रदूषण की राजधानी

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। एक विश्लेषण के मुताबिक 20 मार्च 2026 को देश में छपरा सबसे अधिक प्रदूषित शहर रहा। यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 195 दर्ज किया गया, जो ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है। गौरतलब है कि कल बिहार के इस शहर में वायु गुणवत्ता सूचकांक 122 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से वहां प्रदूषण के स्तर में 73 अंकों का उछाल आया है। रुझानों में सामने आया है कि छपरा की हवा में प्रदूषण (Air Pollution) के महीन कण (PM 2.5) पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है। छपरा में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 1,200 फीसद अधिक है।

प्रदूषण: दिल्ली में गिरावट

मीडिया में चल रही ललित मौर्य की रिपोर्ट कहती है कि देश में पंपोर की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 19 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर छपरा की तुलना पंपोर से करें तो वहां स्थिति 10.3 गुणा खराब है। इससे पहले कल देश में अंगुल की हवा सबसे खराब थी, जब एक्यूआई 303 दर्ज किया गया। हालांकि आज 138 अंकों के सुधार के साथ सूचकांक 165 पर पहुंच गया है। मतलब कि अंगुल में वायु गुणवत्ता बेहद खराब से मध्यम श्रेणी में पहुंच गई है। राजधानी दिल्ली की बात करें तो कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 137 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 93 पर पहुंच गया। मतलब कि पिछले 24 घंटों में सूचकांक में 44 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। राहत की खबर यह है कि 2026 में यह पहला मौका है जब दिल्ली में प्रदूषण इतना कम दर्ज किया गया है।फ फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में कमी आई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 164 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 157 पर पहुंच गया। इसका मतलब कि फरीदाबाद में आज भी वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।

प्रदूषण: CPCB की रिपोर्ट

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 20 मार्च 2026 को 240 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां महज 16.3 फीसद शहरों में हवा साफ है। वहीं 64 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 18.8 फीसद शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज हवा संतोषजनक है। बता दें कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 30 फीसद का इजाफा हुआ है। इसी तरह संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में 18.2 फीसद की बढ़ोतरी दर्ज की गई। मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की बात करें तो इनकी संख्या में कल से करीब 37.5 फीसद की गिरावट आई है। आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में हाजीपुर (184) दूसरे जबकि सिंगरौली (178) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह ग्वालियर (176) चौथे स्थान पर है। अंगुल-फरीदाबाद में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो 165 और 157 अंकों के साथ पांचवें और छठे पायदान पर हैं। सोनीपत (157) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में वातवा (155), मुजफ्फरपुर (148) और भागलपुर (145) भी शामिल हैं। रुझानों में सामने आया है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में बिहार के चार शहर (छपरा, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर, भागलपुर) शामिल हैं। 39 शहरों में हवा साफ रही तो 156 शहरों में वायु गुणवत्ता सन्तोषजनक और 45 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी की रही।

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