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खांसी की दवा बनाने वाली कंपनियों का होगा ऑडिट

खांसी की दवा बनाने वाली कंपनियों का होगा ऑडिट

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। खांसी की दवा बनाने वाली सभी कंपनियों का अब ऑडिट किया जाएगा। मध्यप्रदेश में कफ सिरप से 20 बच्चों की मौत के बाद केंद्र सरकार ने संज्ञान लिया है। केंद्रीय दवा मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने देश भर में ऑडिट और निरीक्षण अभियान शुरू किया है। इसमें सभी कफ सिरप निर्माताओं के अनुपालन, क्वालिटी और सेफ्टी स्टैंडर्ड का आकलन किया जाएगा। उसने सभी राज्यों से कफ सिरप निर्माताओं की लिस्ट मांगी है। साथ ही, रेगुलर ऑडिट और निगरानी के लिए एक मजबूत और उचित प्रणाली स्थापित कर रहा है। एमपी में किए गए निरीक्षण में 19 सिरप के सैंपल लिए गए थे। इनमें से तीन DEG क्वालिटी टेस्ट में फेल रहे। रेस्पिफ्रेश, रीलाइफ और कोल्ड्रिफ में डीईजी पाया गया। इन रिजल्ट के बाद, श्रीसन फार्मा सहित कई निर्माताओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है।

खांसी: हरियाणा में 4 दवाओं पर बैन

मीडिया रिपोर्ट है कि हरियाणा सरकार ने खांसी की चार दवाओं पर सरकार ने प्रतिबंध लगा दिया है। नकली दवाइयों की बिक्री रोकने के लिए प्रदेश सरकार ने यह कदम उठाया है। इन दवाओं में डायएथिलीन ग्लाइकाल जैसे खतरनाक रसायन की मौजूदगी पाई गई जो यह बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। ये हैं प्रतिबंधित दवाएं—1. गुजरात की रेडनेक्स फार्मास्युटिकल्स की रेस्पिफ्रेश टीआर, 2. शेप फार्मा की रिलाइफ (एंब्राक्सोल एचसीएल, गुआइफेनेसिन, टरब्यूटेलिन सल्फेट और मेन्थाल सिरप), 3. तमिलनाडु की स्रेशन फार्मा की कोल्ड्रिफ सिरप और 4. जयपुर स्थित केसन्स फार्मा का डेक्सट्रोमेथार्फन सिरप। इन सभी दवाओं के सैंपल भरकर परीक्षण के लिए प्रयोगशालाओं में भेजा जा रहा है।

खांसी: सोनीपत में कंपनियों पर छापा

सोनीपत में चार दवा निर्माता कंपनियों में छापा मारा गया है। औषधि नियंत्रक विभाग (एफडीए) ने यह कार्रवाई की और कफ सिरप के तीन नमूने सील किए। औषधि नियंत्रक अधिकारी संदीप हुड्डा व मुंशीराम, फतेहाबाद के औषधि नियंत्रक अधिकारी अजय बिश्नोई और हिसार के औषधि नियंत्रक अधिकारी धीरज खटक ने कंपनियों में छापे डाले। विभाग की टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर चार दवा निर्माता कंपनियों में छापा डाला। राई औद्योगिक क्षेत्र स्थित ब्रॉड और रिसर्च नामक दवा निर्माता कंपनी से कफ सिरप के तीन नमूने सील किए। हरियाणा में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त ने कफ सिरप की व्यापक जांच शुरू करने के निर्देश दे रखे हैं। विभाग ने 27 नमूने सील किए हैं जिसे चंडीगढ़ स्थित क्षेत्रीय औषधि परीक्षण प्रयोगशाला (आरडीटीएल) में भेज दिया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।

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