नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने पेनकिलर दवा निमेसुलाइड (Nimesulide) पर बड़ा फैसला लेते हुए इसके निर्माण और विक्रय पर बैन लगा दिया है। यह बैन उच्च स्तर यानी 100 MG पर लागू होगा। मंत्रालय ने कहा कि निमेसुलाइड की उच्च खुराक स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकती है। बच्चों के लिए तो पहले से ही बैन था। दवा की यह खुराक यूरोप के फिनलैंड, स्पेन, आयरलैंड, बेल्जियम और कनाडा, जापान, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन में भी प्रतिबंधित है। मंत्रालय का कहना है कि निमेसुलाइड एक नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी दवा है जिससे दर्द तो कम होता है, लेकिन इसकी ज्यादा खुराक से लीवर खराब होने का खतरा रहता है। जो स्टॉक बचा हुआ है, उसे कंपनी को मंगाना होगा।
निमेसुलाइड: फरवरी में लगी थी रोक
मालूम हो कि इस दवा के इस्तेमाल पर 10 महीने पहले ही रोक लगा दी गई थी। 20 फरवरी 2025 को सरकार ने एक विज्ञप्ति जारी कर दवाओं की बिक्री पर रोक लगा दी थी। इसमें एनाल्जेसिक और ज्वरनाशक तत्व होते हैं। जब जोड़ों के दुष्प्रभाव होते हैं, जैसे गठिया, तो निमेसुलाइड का उपयोग दर्द, सूजन और सूजन को कम करने के लिए किया जाता है। इसके अलावा यह सर्जरी से होने वाले दर्द, दांत दर्द, मोच और कान, नाक और गले के दर्द से राहत मिलती है। इसके अलावा इसका उपयोग ऑस्टियोआर्थराइटिस और इसके इलाज के लिए किया जाता है, जो मासिक धर्म का ऐंठन, गंभीर दर्द, जोड़ों में मोच और प्लास्टर के कारण होने वाले दर्द से भी राहत देता है।
निमेसुलाइड: कई दुष्प्रभाव भी
निमेसुलाइड को केवल एक योग्य चिकित्सा पेशेवर की देखरेख में ही लिया जाना चाहिए। लंबे समय तक उपयोग से लीवर को नुकसान हो सकता है या इसके परिणामस्वरूप महत्वपूर्ण दुष्प्रभाव हो सकते हैं। गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल रक्तस्राव या गुर्दे की समस्याओं, एसिड या खट्टा पेट, चक्कर आना, त्वचा संक्रमण आदि में इससे हानि होती है। इससे रक्त के थक्के जमने की समस्या भी हो सकती है। यदि अस्थमा है, हाल ही में हृदय की बाईपास सर्जरी हुई है, हृदय रोग, अल्सर, किसी दवा से एलर्जी जैसी स्थिति है तब तो बिना डॉक्टर की सलाह के इसका उपयोग करना भी नहीं चाहिए। एक्सपर्ट बताते हैं कि निमेसुलाइड की गोलियों से चक्कर आना या दृष्टि संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। इसे लेने के बाद मशीन चलाने या कार चलाने जैसी गतिविधियों में शामिल होने से बचना चाहिए।
