Category : नीचे की कहानी / BOTTOM STORY
एसबीएम विशेष में स्वास्थ्य संंबंधित विशेष कहानियों को लेकर आए हैं। स्वास्थ्य जागरूकता में इन कहानियों का अहम योगदान है। स्वस्थ भारत मीडिया आपका स्वागत करता है।
प्राकृतिक चिकित्सक के रूप में गांधी
कुल मिला के "आरोग्य की कुंजी" उस समय उपलब्ध स्वास्थ्य ज्ञान की सहज और स्वस्थ जीवन जीने की एक प्रयोगधर्मी धरती पुत्र के अपने निजी...
देश को ब्रांड नहीं, जनऔषधि की है जरूरत
जेनरिक दवा और ब्रांडेड को लेकर जो भ्रम पैदा किया जा रहा है, उसे भी समझने की जरूरत है। पेंटेंट मुक्त मेडिसिन को जेनरिक मेडिसिन...
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तंदुरुस्ती के लिए सेवा धर्म का पालन जरूरी
स्वास्थ्य की बात गांधी के साथ शीर्षक से चल रहे वेब सीरीज का यह चौथा भाग है। इस भाग में हम महात्मा गांधी द्वारा लिखित...
स्वास्थ्य की बात गांधी के साथ / Talking about health with Gandhi नीचे की कहानी / BOTTOM STORY फ्रंट लाइन लेख / Front Line Article समाचार / News
स्वास्थ्य की बात गांधी के साथः 1942 में महात्मा गांधी ने लिखी थी की ‘आरोग्य की कुंजी’ पुस्तक की प्रस्तावना
‘स्वास्थ्य की बात गांधी के साथ’ सीरीज के तीसरे आलेख के रूप में हम 'आरोग्य की कुंजी' पुस्तक की प्रस्तावना दे रहे हैं। इसमें महात्मा...
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स्वच्छता अभियान : गांधी ही क्यों?
किसी भी संकल्प के पूर्ण होने पर यजमान को आशीर्वाद मिलता है। यजमान की मनोकामना पूर्ण होती है। यज्ञ में पूर्णाहुति करते हुए भी यजमान...
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स्वास्थ्य की बात गांधी के साथः महात्मा गांधी के स्वास्थ्य चिंतन ने बचाई लाखों बच्चों की जान
प्यारे देशवासियों, 2014 में इसी लाल किले की प्राचीर से जब मैंने स्वच्छता की बात की थी, तो कुछ लोगों ने इसका मजाक उड़ाया था,...
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आओ शुरू करें, स्वास्थ्य की बात गांधी के साथ
सच यह भी है कि गांधी को स्वास्थ्य चिंतक के रुप में हम और आप कम ही जानते हैं। गांधी को समझना है तो उनके...
जनऔषधि केंद्रों तक नहीं पहुंच रही दवाइयां, अब ऐप से मिलेगी मदद!
कश्मीर के ही अनंतनाग में नाजीर अहमद भट की अपनी अलग कहानी है. 5 लाख रुपए खर्च कर के जनऔषधि की दुकान उन्होंने खोली है....
एमआर को ब्राइब एजेंट न समझें
मेरे 25 साल के अनुभव यह कहते हैं कि सरकार यदि चाहे तो ब्रांडेड दवाओं को भी मौजूदा व्यवस्था के तहत ही मरीजों को सस्ते...
दक्षिण भारत की ज्ञान-परंपरा को उत्तर-भारत में बिखेर रहे हैं न्यूरो सर्जन डॉ.मनीष कुमार
बिहार की गलियो से निकलने वाले डॉ. मनीष कुमार दक्षिण भारत में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के बाद उत्तर-भारत के मरीजों के बीच लोकप्रिय होते...
