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आयुष चिकित्सकों को केज़रीवाल सरकार ने दिया झटका!

क्रॉसपैथी पर लगाम लगाने की तैयारी में दिल्ली सरकार
दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन ने करवाई को बताया जायज

आयुष नहीं कर पायेगे एलोपैथी ईलाज l
आयुष नहीं कर पायेगे एलोपैथी ईलाज l

दिल्ली /
धड़ल्ले से एलोपैथी प्रैक्टिस कर रहे आयुष चिकित्सकों को केज़रीवाल सरकार ने बड़ा झटका दिया है। आयुष निदेशालय ने इस सन्दर्भ में आदेश पारित कर सम्बंधित कॉलेजों व विभागों को सूचना दी है। इस विभागीय आदेश से आयुष चिकित्सकों का खेमा केज़रीवाल सरकार से नाराज़ चल रहा है। आयुष  निदेशक संजय गिहार  द्वारा प्रेषित विभागीय पत्र में कहा गया है कि होमिओपैथी, आयुर्वेदिक और यूनानी चिकित्सक एलोपैथी दवा नहीं लिख सकते । सरकार को  आयुष चिकित्सकों द्वारा एलोपैथी दवा लिखने की लगातार शिकायतें आ रही थी। इसे देखते हुए सरकार ने आदेश जारी किया है। विभाग ने एक टीम का गठन किया गया है, जल्द ही धर पकड़ की कारवाही की जायेगी। दोषी पाये गए आयुष चिकित्सकों के खिलाफ करवाई की जायेगी।
नाम नहीं छापने की शर्त पर एक आयुष चिकित्सक ने बताया कि दिल्ली के अधिकारी भ्रष्ट है छापेमारी के बहाने आयुष चिकित्सकों व निजी क्लीनिकों से वसूली करते है। उन्होंने आगे बताया की दिल्ली में गली कूचे में झोलाछाप डॉक्टर धड़ल्ले से प्रैक्टिस करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हर झोलाछाप डॉक्टर विभाग को सुविधा शुल्क पहुँचता है, इसलिए उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती। आयुष चिकित्सकों ने एलोपैथी प्रैक्टिस के अधिकार हेतु हाईकोर्ट में याचिका लगाई है जो बरसों से लंबित है।
दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अजय लेखी ने केजरीवाल सरकार के इस कदम की सराहना की है । उन्होंने कि क्रॉसपैथी को कभी जायज नहीं ठहराया जा सकता। आयुष डॉक्टरों को चाहिए की वे अपनी पैथी में रहकर इलाज़ करें ।
वही दूसरी तरफ दिल्ली के फार्मा एक्टिविस्ट राज सैनी ने  फार्मेसी प्रैक्टिस रेगुलेशन 2015 का हवाला देते हुवे कहा है की फार्मासिस्टों को दवाओं के परामर्श के साथ ही प्रिस्क्रिप्सन लिखने की अनुमती भी मिलनी चाहिए। चूंकि एलोपैथी दवाइयों का ज्ञान फार्मासिस्ट को वेहतर होता है। आयुष चिकित्सक मरीज़ो की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं ।
 
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