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जैव-प्रौद्योगिकी में उद्यमिता विकास के लिए नये बायो-इनोवेशन सेंटर की शुरुआत

जैव-प्रौद्योगिकी में उद्यमिता विकास के लिए नये बायो-इनोवेशन सेंटर की शुरुआत

नई दिल्ली,  23 मार्च (इंडिया साइंस वायर): जीव विज्ञान के क्षेत्र में उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, पृथ्वी विज्ञान, और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने चंडीगढ में स्थित वैज्ञानिक तथा औद्योगिक परिषद (सीएसआईआर) की प्रयोगशाला सूक्ष्‍मजीव प्रौद्योगिकी संस्‍थान (इम्टेक) में बायो-इनोवेशन सेंटर का उद्घाटन किया है। यह बायो-इनोवेशन सेंटर, सीएसआईआर की हैदराबाद स्थित प्रयोगशाला सेंटर फॉर सेल्युलर ऐंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी (सीसीएमबी) में स्थित अटल इनक्यूबेशन सेंटर का विस्तृत रूप है। 

इम्टेक स्थित बायो-इनोवेशन सेंटर का उद्देश्य बेहद कम समय में देश में जैविक विज्ञान और जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में स्टार्टअप तथा सूक्ष्म, मध्यम एवं लघु उद्योग (एमएसएमई) का एक बड़ा केन्द्र बनना है। इनोवेशन सेंटर की स्थापना एवं इम्टेक में उपलब्ध कुशल पारिस्थितिकी तंत्र के सहयोग से वैज्ञानिक अनुसंधान, उत्पाद-विकास, और पायलट स्तर पर विश्व स्तरीय ज्ञान विकसित करने की दिशा में तेजी आने की संभावना है। 

इस अवसर पर डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि अटल इनोवेशन मिशन मोदी सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे भारत में नवाचार और उद्यमशीलता को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि इम्टेक में बायो-इनोवेशन सेंटर के माध्यम से हम जीवन विज्ञान के क्षेत्र में वैज्ञानिक दक्षताओं का लाभ उठाकर शुरुआती चरण की प्रौद्योगिकियों के साथ स्टार्ट-अप और इनोवेटर्स के लिए एक संपन्न पारिस्थितिकी तंत्र के पोषण के लिए समर्पित हैं। अटल इनोवेशन सेंटर का उद्देश्य स्टार्टअप को उनके प्रवर्तकों, विशेषज्ञों, परामर्शदाताओं और उद्योग के साथ सक्रिय सहयोग करना है, ताकि विभिन्न कार्यक्रमों और गतिविधियों से पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाया जा सके। 

सीएसआईआर-इम्टेक के निदेशक डॉ संजीव खोसला ने बताया है कि 2800 वर्गफुट के क्षेत्र में फैला यह सेंटर सीसीएमबी में स्थित अटल इंनोवेशन सेंटर का विस्तृत रूप है। इस सेंटर में ‘प्लग एंड प्ले’ मॉडल के तहत अनुसंधान सुविधाओं, मानक उपकरण और परिचालन सुविधाएं होंगी। इसके अतिरिक्त यहां स्टार्ट-अप परामर्श, बिजनेस प्लानिंग और मार्केटिंग में विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण, औद्योगिक साझेदारी बनाने एवं शुरूआती पूंजी में सहायता जैसी उपयोगी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। 

इस अवसर पर डॉ हर्ष वर्धन ने संस्थान की विभिन्न प्रयोगशालाओं का निरीक्षण किया, और इम्टेक में विद्यार्थियों और वैज्ञानिकों के साथ बातचीत की। उन्होंने विद्यार्थियों और वैज्ञानिकों से भारत की सामाजिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए आत्मनिर्भर भारत की दिशा में काम करने की अपील भी की है। 

सीएसआईआर-इम्टेक की स्थापना 1984 में की गई थी।  इस संस्थान को सूक्ष्मजीव विज्ञान में उत्कृष्ट राष्ट्रीय केन्द्र के रूप में चिह्नित किया गया है।

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