स्वस्थ भारत मीडिया
समाचार

खाद्य सुरक्षा मित्र योजना का हुआ लोकार्पण, छोटे व्यापारियों को होगा लाभ

25 अक्टूबर 2019, एसबीएम ब्‍यूरो 

विश्व खाद्य दिवस (16 अक्टूबर 2019) के अवसर पर केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने खाद्य सुरक्षा को सशक्त बनाने और ईट राइट इंडिया अभियान को गति देने के लिए देश के खाद्य नियामक के एक कार्यक्रम में कई पहलों का लोकार्पण किया। उन्होंने खाद्य सुरक्षा में छोटे और मध्यम स्तर ‍के खाद्य कारोबारियों को सहयोग देने के लिए खाद्य सुरक्षा मित्र योजना का लोकार्पण किया, जिससे उन्हें लाइसेंस लेने, पंजीकरण कराने, स्वच्छता रेटिंग कराने और प्रशिक्षण लेने में सुविधा हो सके।

ईट राइट जैकेट का भी हुआ लोकार्पण

खाद्य सुरक्षा को सशक्त बनाने के अलावा इस योजना से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। कार्यक्रम में उन्‍होंने एफएसएसएआई के निरीक्षण अधिकारियों के काम-काज को सरल बनाने के लिए एक ईट राइट जैकेट भी लॉन्च किया। यह जैकेट एक QR Code के साथ जोड़ा गया है। खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने की दिशा में यह एक बड़ी पहल है।

ईट राइट झोला भी किया गया शुरू

इसके अतिरिक्त घरेलू कामगारों के लिए ईट राइट ट्रेनिंग कोर्स का भी शुभारंभ किया गया। प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर सिंगल यूज प्‍लास्टिक के खिलाफ मुहिम को आगे बढ़ाते हुए उन्‍होंने ईट राइट झोला लॉन्च किया। यह झोला प्लास्टिक बैग का एक विकल्प है। इन झोलों को आप धो कर दोबारा इस्तेमाल कर सकते हैं।

जरूरतमंदों को मिल सकेगा भोजन

जरूरतमंदों तक भोजन पहुंचाने के लिए सेव फूड, शेयर फूड पहल का भी शुभारंभ हुआ। इसके तहत एक आईवीआर प्‍लेटफॉर्म बनाया गया है, जहां हेल्‍पलाइन नंबर के जरिये भोजन दान करने वाले और एकत्र करने वाले जुड़े रहेंगे। इस अवसर पर स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने एफएसएसआई की प्रशंसा करते हुए कहा कि नागरिकों को सुरक्षित खाद्य उपलब्ध कराने के प्रयासों में समाज के लगभग सभी वर्गों तक अपनी पहुंच बनाने के लिए एफएसएसएआई की सोच दूरदर्शितापूर्ण रही है। इस प्रणाली में आम जन तक अपनी पहुंच बनाने वाले प्रसिद्ध व्यक्तियों के सम्मलित होने से हम हर व्यक्ति तक पहुंच सकते हैं। उन्‍होंने कहा कि आज सारी दुनिया का रुझान शाकाहार की तरफ है क्योंकि मांसाहार से कई तरह की बीमारियां होने की संभावना है।

संतुलित भोजन से फि‍ट होगा भारत

संतुलित भोजन से जहां हमें सभी तरह के पौष्टिक तत्व मिलते हैं वहीं हम बीमारियों से भी दूर रह सकते हैं। किसी देश में ईट राइट इंडिया और फि‍ट इंडिया जैसे कैंपेन जोर पकड़ लें और समाज उसे स्वीकारने लगे तो किसी भी स्वास्थ्य मंत्री के लिए इससे बड़ी खुशी की बात और क्या हो सकती है। उन्‍होंने कहा कि हमें क्या और कितना खाना चाहिए इसका ज्ञान हो जाए तो हम सौ साल तक जीवित रह सकते हैं। उन्‍होंने लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए 700 ग्रीन गूड डीड्स बनाए थे और ये वो छोटे-छोटे काम थे जिन्हें हम रोज इस्तेमाल करके स्वस्थ और पर्यावरण को साफ बना सकते हैं।

 

Related posts

New option emerges for treatment of inflammatory diseases

swasthadmin

 कोविड-19: World Health Assembly में Super Humans के लिए बजी ताली

लाइलाज नहीं है गठिया बशर्ते…

आशुतोष कुमार सिंह

Leave a Comment