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कोरोना के बढ़ते मामलों से चौथी लहर की आहट

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। तकरीबन 40 दिनों के अंतराल के बाद कोरोना के बढ़ते मामलों ने देश-दुनिया को एक बार फिर चौकन्ना कर दिया है। भारत के कुछ राज्यों में मामले बढ़ने लगे हैं। क्या यह चौथी लहर की आहट है? सवाल उठने तो वाजिब हैं।

भारत की स्थिति

तीसरी लहर के धीमा पड़ जाने के बाद पिछले कुछ दिनों से देश के कई राज्यों में कोरोना केस बढ़ने लगे हैं। 13 अप्रैल को पिछले 24 घंटे के दौरान 1,088 नए केस तो 12 अप्रैल को 796 केस दर्ज हुए थे। दिल्ली, हरियाणा, केरल, महाराष्ट्र और मिजोरम में कोरोना की पॉजिटिविटी रेट बढ़ने को लेकर केंद्र ने इन राज्य सरकारों को अलर्ट भी किया है। दिल्ली में गुजरे सप्ताह 26, हरियाणा में 50 और गुजरात में 89 फीसद से ज्यादा कोरोना केस बढ़े। यूपी के गाजियाबाद में दो स्कूलों में 5 बच्चे और नोएडा के एक स्कूल में 13 बच्चे और तीन टीचर कोरोना पॉजिटिव पाए गए। कुछ स्कूलों ने ऑफलाइन कक्षाएं रद्द कर दी हैं।

विदेशों की स्थिति

WHO के अनुसार वायरस पर नजर रखने वाले ग्लोबल GISAID डेटाबेस में BA 4 और BA 5 के कुछ दर्जन केस रिपोर्ट हुए हैं। यूके हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी ने पिछले हफ्ते कहा कि BA.4 के केस मार्च तक साउथ अफ्रीका, डेनमार्क, बोत्सवाना, स्कॉटलैंड और इंग्लैंड में पाए गए हैं। BA.5 के सभी केस साउथ अफ्रीका में पाए गए थे। बोत्सवाना में मिले सभी केस 30 से 50 साल की उम्र के लोगों में पाए गए हैं। ये सभी पूरी तरह वैक्सीनेटेड थे और उनमें हल्के लक्षण थे। चीन में तो रिकॉर्ड टूट रहा है। शंघाई में 11 अप्रैल को 26 हजार से ज्यादा नए कोरोना केस दर्ज किए गए। जर्मनी में 12 अप्रैल को वहां 1.64 लाख से ज्यादा, साउथ कोरिया में 2.10 लाख केस मिले। फ्रांस में 178 लोगों की मौत हुई, जो पिछले कुछ दिनों में सर्वाधिक मौतें हैं। अमेरिका में 28 हजार से ज्यादा नए केस और 500 से ज्यादा की मौत हुई। कनाडा का सबसे ज्यादा आबादी वाला प्रांत ओंटारियो छठी लहर का सामना कर रहा है। इटली में भी 12 अप्रैल को 83 हजार से ज्यादा नए केस सामने आए।

भारत को खतरा

भारत में ग्म् वैरिएंट हो या अब ओमिक्रॉन के नए पाए गए दो सब-वैरिएंट्स BA.4 और BA.5, सबके फैलने का खतरा बरकरार है। तीसरी लहर के दौरान भारत में ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट BA.2 डोमिनेंट वैरिएंट था। देश में ऐसे लोगों की संख्या करोड़ों में है जिन्हें वैक्सीन लगवाए 6 महीने से ज्यादा हो चुके हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार वैक्सीन से बनी इम्यूनिटी अधिकतम 6 महीने तक ही रहती हैं। यानी देश के इन करोड़ों लोगों के किसी भी नए वैरिएंट से संक्रमित होने का खतरा सबसे ज्यादा है।

WHO का कथन

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन कहा है कि वह बेहद संक्रामक माने जाने वाले दो नए सब-वैरिएंट BA.4 और BA.5 के कई दर्जन केस मिलने के बाद इन पर नजर रख रहा है। हम पहले से ही BA.1 और BA.2 को ट्रैक कर रहा है, जो अभी दुनिया में दो सबसे डोमिनेंट वैरिएंट हैं। अब उसने इस लिस्ट में ओमिक्रॉन के सिस्टर वैरिएंट्स माने जा रहे BA.4 और BA.5 को भी जोड़ लिया है।

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