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बिहार से अच्छी खबर, ‘जीरो असिस्टेंस इंटीग्रेटेड डिजिटल हेल्थ सेंटर’  की हुई शुरूआत, 16 लाख लोगों को मिलेगा लाभ

digital health center opend

विशिष्ट केंद्र खगड़िया के ग्रामीणों की निवारक और प्राथमिक देखभाल तक पहुंच बढ़ाएगा

मार्च 24, 2022: Swasth Bharat Media

ग्रामीण भारत के दूर-दराज के क्षेत्रों में भी, जहां प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं भी दुर्लभ हैं, निवारक और पूर्वानुमानित स्वास्थ्य जांच की सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए इंडिया हेल्थ लिंक प्रा. लिमिटेड ने बिहार के खगड़िया में आदर्श नगर, मारार रोड, चुरा मिल के पास आईएचएल केयर डिजिटल हेल्थ केंद्र की शुरूआत की है। यह बिहार के दूरवर्ती जिले खगड़िया में अपनी तरह का पहला जीरो असिस्टेंस इंटीग्रेटेड डिजिटल हेल्थ सेंटर (डीएचसी) होगा, जिसकी आबादी 16 लाख से अधिक है, जिसमें से लगभग 47 फीसद महिलाएं हैं। इस ज़िले में 306 गांव हैं।

इंडिया हेल्थ लिंक (एचआईएल) के संस्थापक और सीईओ, डॉ सत्येंद्र गोयल कहते हैं, “बिहार के खगड़िया में आईएचएल डिजिटल स्वास्थ्य केंद्र के शुभारंभ के साथ, ग्रामीण भारत में ‘जीरो मैनपावर असिस्टेड सेल्फ-चेक हेल्थ सेंटर’ की शुरूआत होगी, जो न केवल वहां की ग्रामीण आबादी को बिना किसी मानवीय सहायता के अपनी महत्वपूर्ण जांचों को केवल 5 मिनिट में स्वयं करने की सुविधा उपलब्ध कराएगा, बल्कि, उनका एक विशिष्ट/अद्वितीय आईएचएल हेल्थ अकाउंड भी बनेगा, जो आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (एबीएचए) के साथ भी एकीकृत होगा क्योंकि यह डिजिटल स्वास्थ्य सेवा यात्रा की कुंजी है। चूंकि भारत में रोगी-चिकित्सक अनुपात 1:1456 है, जो विश्व स्वास्थ्य संगठन की 1:1000 की सिफारिश के मुकाबले बहुत कम है, और यही स्थिति पैरामेडिक्स (चिकित्सा-सहायक) की भी है, विशेष रूप से ग्रामीण भारत में जहां स्वास्थ्य कर्मियों की कमी के कारण प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा की बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं।”

डॉ. गोयल आगे बताते हुए कहते हैं, “यह मॉडल स्वास्थ्य सेवा वितरण के संकट को दूर कर देगा, जिसकी ग्रामीण भारत को बहुत ज़्यादा जरूरत है। इससे आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और (एएनएम) को उनके घर-घर जाकर कार्यक्रमों पर ध्यान केंद्रित करने में सहायता मिलेगी। हमारे डिजिटल स्वास्थ्य केंद्र के माध्यम से क्षेत्र के लोगों के स्वास्थ्य के जोखिम कारकों पर एकत्रित डेटा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, महिलाओं के स्वास्थ्य और बढ़ते गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) की रोकथाम के लिए बेहतर योजनाएं बनाने और उनके कार्यान्वयन में उपयोगी हो सकता है। क्योंकि भारत एनसीडी के टाइम-बम पर बैठा है, और भारतीय न अपनी निवारक देखभाल को प्राथमिकता देते हैं और न ही वे अपनी प्रारंभिक स्वास्थ्य जांच कराते हैं। इसलिए, ग्रामीण क्षेत्रों में, ऐसी कई बीमारियों का निदान जल्दी नहीं हो पाता है जिनकी रोकथाम संभव है, जिसके परिणामस्वरूप भारतीय आबादी में बीमारियों का बोझ बढ़ जाता है।”

आईएचएल केयर डिजिटल हेल्थ सेंटर ने एक स्वामित्व वाला/ट्रेडमार्क युक्त ‘एचपीओडी’ विकसित किया है जो एक सेल्फ सर्विस (स्वयं-सेवा) एटीएम के आकार का स्वास्थ्य स्टेशन है। यह बिना किसी चिकित्सीय-सहायक के रक्तदाब, शरीर का तापमान, बॉडी मास कंपोजिशन, नाड़ी, एसपीओ2 और ईसीजी सहित 20 से अधिक आवश्यक और महत्वपूर्ण जांचे करने में सक्षम है। एच-पॉड बिल्ट-इन टेलीहेल्थ के लिए सहज एकीकरण के साथ, अपोलो टेलीहेल्थ डॉक्टरों के साथ टेलीकंसल्टेशन की भी सुविधा देगा। इससे ग्रामीणों को अपना ‘इलेक्ट्रॉनिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड’ बनाने और सूचित स्वास्थ्य विकल्प प्राप्त करके अपने स्वास्थ्य पर नियंत्रण रखने में भी सहायता मिलेगी।

अपोलो टेलीहेल्थ के सीईओ विक्रम थापलू ने कहा, “ग्रामीण भारत में चिकित्सक-रोगी अनुपात बहुत कम होने के कारण, लोगों को चिकित्सकों से परामर्श करने और अपनी जांच कराने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। खगड़िया में डॉक्टरों और विशेषज्ञों की समस्या को दूर करने में अपोलो टेलीहेल्थ अग्रणी है।”

श्री नीलेश कुमार, फ्रेंचाइजी मालिक, आईएचएल केयर डिजिटल हेल्थ सेंटर, खगड़िया, बिहार कहते हैं, “मैं आईएचएल केयर के इंटीग्रेटेड डिजिटल हेल्थ सेंटर का स्वामित्व प्राप्त करके बहुत रोमांचित हूं, जिसमें विश्व का पहला मेड इन इंडिया हेल्थ कियोस्क (एचपीओडी) है। इसमें प्रयोगशाला और दवाखाने के साथ एकीकृत टेलीकंसल्टेशन की सुविधा 12 से अधिक भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है। ग्रामीण क्षेत्र खगड़िया के लोगों के लिए उनकी सुविधानुसार त्वरित निवारक स्वास्थ्य जांच की सुविधा निवारक स्वास्थ्य देखभाल के लिए वरदान साबित होगी।”

इंडिया हेल्थ लिंक (आईएचएल) के बारे में
आईएचएल (इंडिया हेल्थ लिंक) भारत में स्थित एक चिकित्सा उपकरण निर्मित करने और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने वाली कंपनी है। जो अपने उन्नत डिजिटल प्लेटफॉर्म और पुरूस्कृत स्वास्थ्य स्टेशन – एचपीओडी के माध्यम से एक ‘यूजर-केंद्रित’ हेल्थकेयर इकोसिस्टम (स्वास्थ्य सेवा पारिस्थितिकी तंत्र) का निर्माण कर रही है। आईएचएल प्रोपराइटरी पर्सनल हेल्थ रिकॉर्ड (पीएचआर) प्रणाली और कनेक्टेड वर्चुअल हेल्थकेयर मार्केटप्लेस के माध्यम से अपने सदस्यों/उपयोगकर्ताओं को उनके समग्र स्वास्थ्य के प्रबंधन के लिए जरूरी सुविधाएं सीधेतौर पर पूरी कर रही है।

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