नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। सर्दियों का मौसम बच्चों के लिए जोखिमपूर्ण होता है। उनको स्वस्थ रखने और सर्दी के प्रकोप से बचाने के लिए कुछ छोटे उपायों की जरूरत है। इस मौसम की आम समस्याओं के प्रति एम्स (AIIMS) पटना के प्रोफेसर (डॉ.) चंद्र मोहन कुमार ने अभिभावकों के लिए एक महत्वपूर्ण जागरूकता संदेश साझा किया है।
Aiims पटना: बीमारी की संभावना

एम्स पटना के बाल रोग विभाग के प्रमुख प्रोफेसर (डॉ.) चंद्र मोहन कुमार एक वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ हैं। उन्होंने किशोर बाल रोग में स्नातकोत्तर डिप्लोमा भी किया है और बाल चिकित्सा हेमेटोलॉजी, ऑन्कोलॉजी और किशोर चिकित्सा में उनकी विशेष रुचि है। उन्होंने कहा है कि सर्दियों के दौरान संक्रमण, ठंड और बढ़ते प्रदूषण के कारण शिशुओं और बच्चों के बीमार पड़ने की संभावना अधिक होती है। कम तापमान रोग प्रतिरोधक क्षमता को कम कर देता है जिससे बच्चे बीमारियों के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाते हैं। इस मौसम में होने वाली आम समस्याओं में सर्दी, खांसी, बुखार, दस्त और निर्जलीकरण शामिल हैं। कुछ मामलों में बच्चों को निमोनिया भी हो सकता है।
Aiims पटना: श्वसन संबंधी बीमारी भी
उनके अनुसार शिशुओं में सर्दियों के दौरान ब्रोंकियोलाइटिस आम तौर पर देखा जाता है। अस्थमा से पीड़ित बच्चों को इस दौरान लक्षणों में वृद्धि और बार-बार दौरे पड़ सकते हैं। सर्दियों में कई वायरल श्वसन संक्रमण तेजी से फैलते हैं और कुछ जीवाणु निमोनिया के मामले भी सामने आते हैं। रोटावायरस जैसे वायरस के कारण होने वाले दस्त भी चिंता का विषय हैं। सर्दियों के दौरान बढ़ता वायु प्रदूषण विशेषकर उच्च पीएम 2.5 स्तर फेफड़ों में जलन पैदा कर सकता है और बच्चों में श्वसन संक्रमण और सांस लेने में तकलीफ का खतरा बढ़ा सकता है।
रोग के सामान्य कारण:
-ठंडे मौसम में वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण
-बढ़ता वायु प्रदूषण
-ठंडी हवा के संपर्क में आना
-कमज़ोर रोग प्रतिरोधक क्षमता
रोकथाम और नियंत्रण:
-रोटावायरस और इन्फ्लूएंजा के टीके सहित समय पर टीकाकरण सुनिश्चित करें
-बच्चों को सीधे ठंड के संपर्क में आने से बचाएं
-पर्याप्त प्रोटीन और विटामिन ए युक्त गर्म, पौष्टिक भोजन प्रदान करें
-स्वच्छता और साफ-सफाई बनाए रखें
