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दुनिया भर में मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का 9वां संस्करण दुनिया भर में व्यापक पैमाने पर मनाया गया। मध्य प्रदेश के जबलपुर में मुख्य राष्ट्रीय कार्यक्रम में 15,000 से अधिक लोगों की भागीदारी देखी गई। इन लोगों ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की उपस्थिति में कॉमन योग प्रोटोकॉल (CYO) प्रदर्शन में भाग लिया। न्यूयार्क में यूएन प्रांगण में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में योग दिवस मना। एमपी में योग को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने की घोषणा की गयी।

वैश्विक उत्सव बन गया योग

मध्य प्रदेश में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री के प्रयासों से योग अब एक वैश्विक उत्सव बन गया है। योग किसी एक व्यक्ति के लिए नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए है। उन्होंने कहा कि योग ने एक आर्थिक रूप भी लिया है और इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। हमारे प्रशिक्षित योग शिक्षक पूरी दुनिया में काम कर रहे हैं और योग शिक्षकों की मांग बढ़ रही है।

राष्ट्र को संबोधित किया पीएम ने

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से राष्ट्र को संबोधित किया और कहा कि योग के माध्यम से व्यक्ति स्वास्थ्य, जोश और शक्ति प्राप्त करता है और जो लोग वर्षों से नियमित रूप से इसका अभ्यास कर रहे हैं, उन्होंने इसकी ऊर्जा महसूस की है। व्यक्तिगत और पारिवारिक स्तर पर अच्छे स्वास्थ्य का बेहद महत्व है। योग एक स्वस्थ और सशक्त समाज बनाता है जहां सामूहिक ऊर्जा बहुत अधिक होती है। स्वच्छ भारत और स्टार्टअप इंडिया जैसे अभियानों ने एक आत्मनिर्भर राष्ट्र के निर्माण और देश की सांस्कृतिक पहचान को पुनर्स्थापित करने में मदद की है।

नौसेना के जहाजों पर योगासन

भारतीय नौसेना के 19 जहाजों पर सवार लगभग 3500 नौसैनिकों ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जल क्षेत्रों में योग के राजदूत के रूप में 35,000 किलोमीटर से अधिक की यात्रा की। इसमें विदेशी बंदरगाहों/अंतर्राष्ट्रीय जल क्षेत्रों में भारतीय नौसेना के 11 जहाजों पर 2400 से अधिक कर्मी शामिल थे। विशेष रूप से, आईडीवाई को हमारे विदेशी मिशनों के साथ मिलकर कई विदेशी नौसेनाओं के जहाजों पर मनाया गया, जिसमें 1200 से अधिक विदेशी नौसेना कर्मी शामिल थे।

आर्कटिक से अंटार्कटिका तक योग

इस वर्ष के अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का एक अन्य पहलू आर्कटिक से अंटार्कटिका तक योग था जहां प्रधान मध्याह्न रेखा के आसपास और उत्तरी ध्रुव और दक्षिणी ध्रुव क्षेत्रों में पड़ने वाले देशों में योग प्रदर्शन का आयोजन किया गया। आर्कटिक और अंटार्कटिका में भारत के अनुसंधान केन्द्रों हिमाद्री और भारती के वैज्ञानिकों/अनुसंधानकर्ताओं ने भी योग प्रदर्शन में भाग लिया। भारतीय सेना, भारतीय नौसेना, भारतीय वायु सेना के साथ-साथ आईटीबीपी, बीएसएफ और बीआरओ ने योग भारतमाला नाम से योग प्रदर्शन की एक श्रृंखला बनाई। भारतीय तट रेखा और द्वीपों पर इसी तरह का योग प्रदर्शन कर योग सागरमाला नामक श्रृंखला बनाई गई।

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