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भारत सबको सस्ता टीका देने के लिए प्रतिबद्ध : मंत्री

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत सबके लिए सुलभ और सस्ते टीके सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार पर सातवें वार्षिक फोरम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत WHO में समानता के सिद्धांत की पुरजोर वकालत करता रहा है और इसने दक्षिण अफ्रीका के साथ-साथ कोविड टीकों, निदान और दवाओं के लिए विश्व व्यापार संगठन में TRIPC छूट प्रस्ताव भी रखा है।

नवाचार पर ध्यान केंद्रित

उन्होंने कहा कि भारत इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए ग्लोबल एलायंस फॉर वैक्सीन एंड इम्यूनाइजेशन (GAVI), विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और एक्सेस टू कोविड-19 टूल्स (ACT) एक्सेलेरेटर के साथ सक्रियता के साथ काम कर रहा है। मंच इस साल सतत विकास के लिए 2030 एजेंडा के पूर्ण कार्यान्वयन को आगे बढ़ाते हुए कोविड-19 के बाद बेहतर निर्माण के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

दुनिया से साझा करेंगे को-विन ऐप

उन्होंने प्रतिनिधियों को बताया कि डिजिटल और सूचना प्रौद्योगिकी की विशाल शक्ति कोविड की वैश्विक प्रतिक्रिया का एक प्रमुख घटक रहा है। उन्होंने कहा कि डिजिटल स्पेस में भारत की ताकत का उपयोग करते हुए नई दिल्ली ने टीकाकरण अभियान को बेहतर ढंग से संचालित करने में डिजिटल सहायता प्रदान करने के लिए भारत द्वारा विकसित को-विन ऐप को दुनिया के साथ साझा करने का निर्णय लिया। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत लंबे समय से विज्ञान प्रौद्योगिकी और नवाचार को बढ़ावा दे रहा है और क्रांतिकारी विचार पैदा करने और उसे बढ़ावा देने, लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने और वैश्विक समस्याओं का समाधान प्रदान करने में मदद करने के लिए एक सक्षम पारिस्थितिकी तंत्र का विकास कर रहा है जो आज और भी महत्वपूर्ण हो गया है।

सुरक्षित टीका बनाने में भारत सफल

पिछले दो वर्षों में महामारी के कारण पैदा हुई चुनौतियों से पार पाने के वैश्विक प्रयासों का उल्लेख करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत टीका अनुसंधान में अग्रणी अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक गठबंधन के सदस्य के रूप में उभरा है। डॉ. सिंह ने जोर देकर कहा कि हमारा वैज्ञानिक समुदाय, मजबूत फार्मास्युटिकल उद्योग के समर्थन के साथ, दुनिया के पहले डीएनए आधारित टीके सहित सुरक्षित, प्रभावी और किफायती टीकों के विकास और उत्पादन में सफल रहा है।

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