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IYOM 2023 बाजरा को पौष्टिक अनाज के रूप में स्थान देगा : तोमर

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। संयुक्त राष्ट्र ने 2023 को अंतर्राष्ट्रीय बाजरा वर्ष (IYOM) घोषित किया हुआ है। इस लिहाज से यह बाजरा को वैश्विक स्तर पर पौष्टिक अनाज के रूप में स्थापित करने का अवसर प्रदान करेगा। इससे बाजरा के वैश्विक उत्पादन को बढ़ाने, कुशल प्रसंस्करण और फसल चक्रण का बेहतर उपयोग में सहायता मिलेगी। मालूम हो कि भारत सरकार ने अप्रैल-2018 में बाजरे को पौष्टिक अनाज के रूप में अधिसूचित कर पोषण अभियान के अंतर्गत शामिल किया था।

पोषण में सुधार करेगा बाजरा

यह बात केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कही। वे कृषि और किसान कल्याण विभाग और विदेश मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से IYOM-2023 के प्री-लॉन्च उत्सव के लिए आयोजित लंचॉन के दौरान दिल्ली में उच्चायुक्तों व राजदूतों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य इसके माध्यम से बाजरे की घरेलू और वैश्विक खपत को बढ़ावा देना है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली एक विविध खाद्य बास्केट प्रदान करे, जिसमें प्री-स्कूल के बच्चों और गर्भधारण की आयु वाली महिलाओं की पोषण स्थिति में सुधार के लिए बाजरा शामिल हो।

कई स्टार्टअप भी अभियान में

उन्होंने कहा कि भारत में 500 से ज्यादा स्टार्टअप बाजरे के मूल्य-वर्धित श्रृंखला में काम कर रहे हैं जबकि भारतीय बाजरा अनुसंधान संस्थान ने IYOM-रफ्तार के अंतर्गत 250 स्टार्टअप को इनक्यूबेट किया है। श्री तोमर ने कहा कि नीति आयोग और विश्व खाद्य कार्यक्रम का उद्देश्य चुनौतियों की पहचान और उनका समाधान व्यवस्थित और प्रभावी रूप से करना है।

प्रासंगिकता बढ़ी बाजरा की

विदेश मंत्री श्री एस. जयशंकर ने कहा कि कोविड, जलवायु परिवर्तन और युद्ध की पृष्ठभूमि में आज वैश्विक रूप से बाजरा की प्रासंगिकता बढ़ रही है। बाजरा खाद्य सुरक्षा के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के लिए भी महत्वपूर्ण है। मंत्रालय के सचिव मनोज आहूजा ने बाजरा एक जलवायु अनुकूल फसल है जिसका उत्पादन पानी की कम खपत, कम कार्बन उत्सर्जन और सूखे में भी किया जा सकता है। यह सूक्ष्म पोषक तत्वों, विटामिन और खनिजों का भंडार है। अंतर्राष्ट्रीय बाजरा वर्ष खाद्य सुरक्षा और पोषण के लिए बाजरे के योगदान में जागरूकता फैलाएगा। भारत बाजरा का प्रमुख उत्पादक देश है जिसमें ज्वार, बाजरा, रागी और छोटे बाजरा के साथ-साथ कंगनी, कुटकी या छोटा बाजरा, कोडोन, गंगोरा या बार्नयार्ड, चीना और ब्राउन टॉप शामिल हैं। पिछले 5 वर्षों में देश में 13.71 से 18 मिलियन टन से बाजरा का उत्पादन हुआ जिसमें 2020-21 उच्चतम उत्पादन का वर्ष रहा है।

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