स्वस्थ भारत मीडिया
समाचार / News

किडनी ट्रांसप्लांट के गोरखधंधे का पर्दाफाश

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। किडनी ट्रांसप्लांट के गोरखधंधे का खुलासा हुआ है जिसमें बांग्लादेश के गरीब मरीजों लाकर किडनी निकाल ली जाती थी और जरूरतमंदों को महंगी कीमत पर बेचा जाता था। इन सबों को मेडिकल वीजा पर भारत लाया जाता था। गुरुग्राम में टेस्ट आदि का काम कराने के बाद जयपुर भेजकर किडनी निकाली जाती थी। इसके लिए फर्जी एनओसी भी लगायी जाती थी। इसका पर्दाफाष होने के बाद एक प्रसिद्ध हॉस्पीटल पर भी अंगुली उठ रही है।

शिकायत के बाद दवा वापस मंगायी गयी

अरविंदो फार्मा की इकाई यूगिया ने एक ग्राहक द्वारा शीशी के अंदर सफेद कण तैरते दिखने की शिकायत किए जाने के बाद मेथोकार्बमोल इंजेक्शन का एक लॉट वापस मंगाया है। इस लॉट में 1,000 मिलीग्राम/10-मिलीमीटर की सिंगल-डोज शीशियां शामिल थीं और इसकी आपूर्ति जनवरी में पूरे अमेरिका में की गई थी। इस मेथोकार्बमोल इंजेक्शन का इस्तेमाल तीव्र, दर्दनाक मस्कुलोस्केलेटल स्थितियों से जुड़ी परेशानी से राहत के लिए किया जाता है। इसी साल सन फार्मा ने फेबक्सोस्टेट टैबलेट की 55 हजार से अधिक शीशियों को वापस मंगाया था।

 

Related posts

स्वस्थ भारत यात्रा-2 के चौथे चरण का समापन

Ashutosh Kumar Singh

हीटर हो या अंगीठी, राहत के साथ खतरे भी कम नहीं

admin

Research : र्कोरोना के जीन को नष्ट कर सकता है अश्वगंधा

admin

Leave a Comment