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गुणवत्तापूर्ण आयुष शिक्षा के लिए कई प्रयास : मंत्री

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। केंद्र सरकार ने गुणवत्ता और सस्ती चिकित्सा शिक्षा देने और उच्च गुणवत्ता वाले चिकित्सा पेशेवरों की उपलब्धता के लिए भारतीय चिकित्सा प्रणाली के लिए राष्ट्रीय आयोग (NCISM) का गठन किया है। यह नवीनतम चिकित्सा अनुसंधान को अपनाने और अनुसंधान में योगदान करने के लिए प्रोत्साहित करती है।

मानदंडों का निर्धारण

यह जानकारी आयुष मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने 29 जुलाई को लोकसभा में दी। उन्होनें कहा कि NCISM के तहत गठित एक स्वायत्त बोर्ड, आयुर्वेद सहित भारतीय चिकित्सा प्रणाली के चिकित्सा संस्थानों में बुनियादी ढांचे, संकाय और शिक्षा और अनुसंधान की गुणवत्ता के मानकों और मानदंडों को निर्धारित करता है।

गहन ज्ञान पर ज्यादा फोकस

उन्होंने कहा कि नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन ने नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन रेगुलेशन बनाया है। इसके अनुसार आयुर्वेद कॉलेज को स्नातक आयुर्वेद शिक्षा के न्यूनतम मानकों का पालन करना है, जिसमें आयुर्वेद स्नातकों को आयुर्वेद के क्षेत्र में समकालीन प्रगति के साथ-साथ आधुनिक में वैज्ञानिक और तकनीकी प्रगति के ज्ञान के साथ अष्टांग आयुर्वेद का गहन ज्ञान होगा।

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