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मुलेठी : भगाए गर्मी और रोगों में दे राहत

मुलेठी : भगाए गर्मी और रोगों में दे राहत

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। आम तौर पर मुलेठी को सिर्फ खांसी ठीक करने के लिए ही जाना है लेकिन इसके और भी फायदे हैं। स्वाद में मीठी मुलेठी कैल्शियम, ग्लिसराइजिक एसिड, एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटीबायोटिक, प्रोटीन और वसा के गुणों से भरपूर होती है। इसका प्रयोग आंख, मुंह, गला, दमा, दिल, घाव के उपचार के लिए सदियों से किया जा रहा है। आयुर्वेद कहता है कि यह बात, कफ, पित्त तीनों दोषों को शांत करके कई रोगों के उपचार में रामबाण है।

मुलेठी : गर्मी से दे राहत

चिलचिलाती धूप, तपती धरती, बहता पसीना और गर्म हवाओं के थपेड़े में राहत देने वाली चीज है मुलेठी। आयुर्वेदाचार्य बताते हैं कि गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडा रखने के लिए ठंडी तासीर वाली चीजें खाना जरूरी है। इसका बेहतरीन विकल्प है मुलेठी, ये न सिर्फ शरीर बल्कि मन को भी ठंडा-ठंडा कूल-कूल रखता है। एक्सपर्ट बताते हैं कि जिन लोगों को गर्मी बर्दाश्त नहीं होती या लू जल्दी लग जाती है, उन्हें इसका सेवन करना चाहिए। इससे शरीर को ठंडक मिलती है। यही नहीं, मुलेठी के पाउडर के साथ ही काढ़ा भी शरीर को ठंडक देने में मदद करता है। काढ़ा पीने से सेहत से जुड़ी कई परेशानियों में भी फायदे मिलते हैं।

मुलेठी : कैंसर में असरदार

छोटे-मोटे हेल्थ प्रॉब्लम्स के साथ ही कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को दूर करने में भी मुलेठी का उपयोग होता है। हांगकांग बैपटिस्ट यूनिवर्सिटी की एक नई स्टडी से पता चला कि मुलेठी कैंसर के इलाज में कारगर है। इसमें मौजूद आइसोलिक्युरिटिजेनिन नामक तत्व पैंक्रियाटिक कैंसर समेत कई बीमारियों के लक्षणों को दबाने में कारगर होता है।

मुलेठी : दिल की दोस्त

औषधीय गुणों से भरपूर मुलेठी हार्ट ब्लॉकेज रोकने में मददगार होती है। मुलेठी का सेवन ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है, जिससे दिल तक खून की सप्लाई बेहतर रहती है और हार्ट ब्लॉकेज की आशंका कम हो जाती है। मुलेठी में एंटीऑक्सिडेंट और प्रोटीन जैसे तत्व हृदय की मांसपेशियों को मजबूत करते हैं और सूजन भी कम होती है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा कम हो जाता है। मुलेठी का सेवन कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कंट्रोल करता है।

मुलेठी और विभिन्न रोग

आंखों के रोग—मुलेठी के काढे से आंखों को धोने से आंखों के रोग दूर होते हैं। मुलेठी चूर्ण में बराबर मात्रा में सौंफ का चूर्ण मिलाकर एक चम्मच शाम को खाने से आंखों की जलन मिटती है तथा रोशनी भी बढ़ती है। मुलेठी को पानी में पीसकर उसमें रूई का फाहा भिगोकर आंखों पर बांधने से आंखों के आसपास की लाली मिटती है।
कान—नाक के रोग—मुलेठी कान और नाक के रोग में भी लाभकारी है। मुलेठी और मुनक्का से पकाए हुए दूध को कान में डालने से कान की बीमारियों में लाभ होता है।
मुंह के रोग—मुंह के छालों की परेशानी में मुलेठी के टुकड़े में शहद लगाकर चूसते रहने से लाभ होता है। मुलेठी को चूसने से खांसी और गले का रोग भी दूर होता है। इसे चूसने से हिचकी दूर होती है।
त्वचा रोग—त्वचा रोग भी यह लाभकारी है। पिंपल्स पर मुलेठी का लेप लगाने से वे जल्दी ठीक हो जाते हैं। मुलेठी और तिल को पीसकर उससे घी मिलाकर घाव पर लेप करने से घाव भर जाता है।
इसके अलावा मुलेठी दिल और पेट के रोग में भी आराम पहुंचाता है।

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