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कोविड-19 पर गुजरात से ग्राउंड रिपोर्ट आई है…

कोविड-19

गुजरात में कोविड-19 ने 36 लोगों की जान ले ली है। गुजरात से ग्राउंड रिपोर्ट भेजा है वरिष्ठ पत्रकार संजय बेंगाणी ने…

अहमदाबाद/16 अप्रैल

गुजरात ने मध्य मार्च से ही कोविड-19 से लड़ने के उपाय करने शुरू कर दिए थे। स्टेच्यु ऑफ़ यूनिटी सहित दर्शनीय स्थलों को बंद कर दिया गया था। तब सड़क पर थूकने पर एक ही दिन में लाखों रुपयों का दंड वसूला गया था। इसी दौरान सरकार द्वारा क्षेत्रीय टीवी चैनल के माध्यम से पढ़ाने की शुरुवात की गयी। कोविड-19 पर सजगता का पता इससे भी चलता है कि तालाबंदी से पहले ही मुंबई-अहमदावाद मार्ग की ट्रेनों में यात्री आधे हो गए थे। 19 मार्च को ही विदेश से आने वाले लोगों के आइसोलेशन की व्यवस्था स्पोर्ट्स क्लब में कर दी गयी थी। गुजरात के कई प्रसिद्ध मंदिर भी श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए गए। यह सब जन-जागृति को दर्शाता है।

जनता कर्फ्यू वैसे भी गुजरात का कोंसेप्ट है, इसे लोगों के सहज स्वीकारा था , हाँ एक जगह अति-उत्साह में लोग शाम को दिये लेकर गरबा करने घर से बाहर आ गए थे। इसके बाद सोशल-डिस्टेंसिंग पर ज्यादा जन जागृति पर ध्यान दिया गया। और लोगों ने स्वेच्छा से स्वीकारा भी। प्रशासन को बंदी को लेकर कोई ख़ास परेशानी नहीं हुई। कई गांवों ने तो जिम्मेदारी लेते हुए गांव से बाहर आने जाने पर प्रतिबंध तक लगा दिया है। प्रशासन को थोड़ी समस्या सोर्स-विशेष से कोविड-19 का मामले सामने आने के बाद जरुर हुई, जब पुलिस पर पत्थर बाजी हुई या महिलाओं ने उन्हें क्षेत्र को सील करने से रोका या सिविल अस्पताल को कुछ लोगों ने घंटो सर पर उठा कर रखा।

इधर सूरत महानगर पालिका ने एकांतवास में रखे गए लोगों पर नजर रखने के लिए एप्प जारी की। निजी लैब को कोरोना जांच की अनुमति दी गयी। मुख्यमंत्री ने कोरोना मरीजों से वीडियो कॉफ्रेंसिंग की। कक्षा 1 से 9 तथा 11 वीं के विद्यार्थियों को सामूहिक रूप से पास कर दिया गया। गुजरात सरकार ने 60 लाख राशन-कार्डधारी परिवारों के 3.25 करोड़ लोगों को अप्रैल माह में गेहूं, चावल, दाल, चीनी व नमक निशुल्क देने की घोषणा की।

तालबंदी के दौरान राजस्थान की ओर पैदल निकले प्रवासी कामगारों को पुलिस व स्वयं-सेवी संस्थाओं ने मदद पहुंचाई और उपमुख्यमंत्री स्वयं इस काम के लिए आगे आए थे। इसके अलावा 10 हजार मजदूरों को उनके गांवो तक पहुंचाने के लिए बसों की व्यवस्था की गई। वरिष्ठ नागरिकों व बेघर लोगों के लिए 8 शहरों में निशुल्क भोजन पहुंचाने की घोषणा मुख्यमंत्री ने की। अभिभावकों को राहत देने के लिए निजी स्कूलों को अभी फीस न लेने और बाद में इसे किश्तों में लेने के लिए कहा गया। वहीं स्कूल फ़ीस भी नहीं बढ़ा सकेंगे।

इन सब के बीच प्रकृति प्रेमियों के लिए मुस्कुराने का अवसर भी गुजरात ने दिया है। यहाँ पाए जाने वाले एशियाई सिंह के 21 नए शावकों का इसी काल में जन्म हुआ है।

वर्तमान में गुजरात में कोविड-19 से 871 लोग संक्रमित हुए हैं।  33 की मौत हो चुकी है। 64 लोग ठीक होकर घर वापस जा चुके हैं। ऐसे में उम्मीद की जानी चाहिए कि गुजरात इस संकट से जल्द उबर जाएगा।

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