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मेडिकल साइंस में राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड में 9 पहलों का शुभारंभ

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान परीक्षा बोर्ड (NBEMS) के 42वें स्थापना दिवस की अध्यक्षता की और राज्य मंत्री प्रोफेसर एस. पी. सिंह बगेल, नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ वी के पॉल की उपस्थिति में मुख्य भाषण दिया। इस मौके पर नीट पीजी और एमडीएस टॉपर्स को सम्मानित किया गया।

9 पहलों का शुभारंभ

उन्होंने इन 9 पहलों का शुभारंभ किया-मेडिसन में 11 नए NBEMS फैलोशिप पाठ्यक्रम, इंमरजेंसी मेडिसन में NBEMS डिप्लोमा, NBEMS परीक्षा कमांड सेंटर, कंप्यूटर आधारित टेस्ट के लिए केंद्र, गुड क्लिनिकल प्रैक्टिस दिशानिर्देश (दूसरा संस्करण), संयुक्त प्रत्यायन कार्यक्रम और स्टैंड-अलोन (स्वचालित) प्रयोगशालाओं और नैदानिक केंद्रों की मान्यता, NBEMS कौशल और वर्चुअल प्रशिक्षण कार्यक्रम, NBEMS शिक्षकों के लिए फैकल्टी टाइटिल का शुभारंभ और मेडिकल लाइब्रेरी।

डॉ वी.के पॉल को उत्कृष्टता पुरस्कार

डॉ. मांडविया ने प्रोफेसर एस.पी सिंह बघेल के साथ नारी शक्ति पुरस्कार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय उत्कृष्टता पुरस्कार, कार्यकारी निदेशक सर्टिफिकेट ऑफ अप्रीशिएशन अवार्ड, राष्ट्रपति NBEMS उत्कृष्टता पुरस्कार दिये। डॉ वी.के पॉल को उत्कृष्टता के राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ी

डॉ वी.के पॉल ने कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड में स्नातकोत्तर सीटें तीन गुना बढ़कर 4000 सीटों से 13000 से अधिक हो गई हैं। मेडिकल कॉलेज 387 से बढ़कर 704 हो गए हैं, इस वर्ष 52 नए कॉलेज जोड़े गए हैं। मेडिकल छात्रों के लिए सीटें भी स्नातक के लिए 52,000 से बढ़कर 107,000 और स्नातकोत्तर के लिए 32,000 से 67,000 हो गई हैं। डॉ पॉल ने बल देते हुए कहा कि यह स्वर्ण युग है और इस क्षेत्र में नए डॉक्टरों और विशेषज्ञों को इसमें अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देना चाहिए।

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