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नेचर जर्नल की रिपोर्ट: ब्लड टेस्ट से पता चलेगा बुढ़ापा

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)।  नेचर जर्नल की रिपोर्ट, अब एक ऐसा ब्लड टेस्ट विकसित करने की दिशा में शोध चल रहा है जो आपको बुढ़ापे की समयपूर्व जानकारी दे सकेगा। या, भविष्य में कौन सी बीमारी होने वाली है। यह टेस्ट शरीर के अंगों की बायोलॉजिकल ऐज का पता लगा सकेगा।

5678 लोगों पर हुई स्टडी

निश्चित रूप से ऐसा टेस्ट मेडिकल क्षेत्र में क्रांति ला सकेगा ताकि बीमारी की संभावना पर चिकित्सा भी समय पर हो सके। यह स्टडी Nature जर्नल में प्रकाशित हुई है। स्टेनफोर्ड मेडिसिन जांचकर्ताओं ने यह बताया है कि हमारे अंग अलग-अलग दर से बूढ़े होते हैं। अगर एक ही उम्र के दो व्यक्ति हैं तो उनके अंग अलग-अलग क्षमता वाले हो सकते हैं। अगर किसी व्यक्ति का अंग उसी उम्र के दूसरे व्यक्ति से ज्यादा बूढ़ा हो चुका है तो ऐसे में उस व्यक्ति में उस अंग से संबंधित बीमारी होने की संभावना बहुत ज्यादा बढ़ जाती है और जल्दी मौत की भी। जांचकर्ताओं ने 5,678 लोगों पर अपना शोध किया है।

बायोलॉजिकल उम्र का पता लगेगा

मालूम हो कि कैलिफोर्निया की स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी में शोधकर्ताओं ने मशीन लर्निंग की सहायता से मनुष्य के रक्त के प्रोटीन लेवल को जांचने में सफलता पाई है। स्टडी कहती है कि हर 5 में से एक स्वस्थ व्यक्ति, जो 50 साल या उससे ऊपर का है, में कम से कम एक अंग ऐसा होता है जो बाकी अंगों की तुलना में ज्यादा तेजी से बूढ़ा हो रहा होता है। इसके लिए एक ऐसा ब्लड टेस्ट ईजाद किया जा सकता है जो बता देगा कि कोई कितनी तेजी से बूढ़ा हो रहा है। इससे समय रहते उस अंग का इलाज शुरू किया जा सकेगा। स्टडी के सीनियर लेखक टोनी वीस कोरे के अनुसार अब किसी अंग की बायोलॉजिकल उम्र का अंदाजा लगाया जा सकता है।

नेचर जर्नल ने 5678 लोगों पर की स्टडी

निश्चित रूप से ऐसा टेस्ट मेडिकल क्षेत्र में क्रांति ला सकेगा ताकि बीमारी की संभावना पर चिकित्सा भी समय पर हो सके। यह स्टडी Nature जर्नल में प्रकाशित हुई है। स्टेनफोर्ड मेडिसिन जांचकर्ताओं ने यह बताया है कि हमारे अंग अलग-अलग दर से बूढ़े होते हैं। अगर एक ही उम्र के दो व्यक्ति हैं तो उनके अंग अलग-अलग क्षमता वाले हो सकते हैं। अगर किसी व्यक्ति का अंग उसी उम्र के दूसरे व्यक्ति से ज्यादा बूढ़ा हो चुका है तो ऐसे में उस व्यक्ति में उस अंग से संबंधित बीमारी होने की संभावना बहुत ज्यादा बढ़ जाती है और जल्दी मौत की भी। जांचकर्ताओं ने 5,678 लोगों पर अपना शोध किया है।

नेचर जर्नल की रिपोर्ट, र्बानलयोलॉजिकल उम्र का भी लगेगा पता

मालूम हो कि कैलिफोर्निया की स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी में शोधकर्ताओं ने मशीन लर्निंग की सहायता से मनुष्य के रक्त के प्रोटीन लेवल को जांचने में सफलता पाई है। स्टडी कहती है कि हर 5 में से एक स्वस्थ व्यक्ति, जो 50 साल या उससे ऊपर का है, में कम से कम एक अंग ऐसा होता है जो बाकी अंगों की तुलना में ज्यादा तेजी से बूढ़ा हो रहा होता है। इसके लिए एक ऐसा ब्लड टेस्ट ईजाद किया जा सकता है जो बता देगा कि कोई कितनी तेजी से बूढ़ा हो रहा है। इससे समय रहते उस अंग का इलाज शुरू किया जा सकेगा। स्टडी के सीनियर लेखक टोनी वीस कोरे के अनुसार अब किसी अंग की बायोलॉजिकल उम्र का अंदाजा लगाया जा सकता है।

बायोलॉजिकल उम्र का पता लगेगा

मालूम हो कि कैलिफोर्निया की स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी में शोधकर्ताओं ने मशीन लर्निंग की सहायता से मनुष्य के रक्त के प्रोटीन लेवल को जांचने में सफलता पाई है। स्टडी कहती है कि हर 5 में से एक स्वस्थ व्यक्ति, जो 50 साल या उससे ऊपर का है, में कम से कम एक अंग ऐसा होता है जो बाकी अंगों की तुलना में ज्यादा तेजी से बूढ़ा हो रहा होता है। इसके लिए एक ऐसा ब्लड टेस्ट ईजाद किया जा सकता है जो बता देगा कि कोई कितनी तेजी से बूढ़ा हो रहा है। इससे समय रहते उस अंग का इलाज शुरू किया जा सकेगा। स्टडी के सीनियर लेखक टोनी वीस कोरे के अनुसार अब किसी अंग की बायोलॉजिकल उम्र का अंदाजा लगाया जा सकता है।

 

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