नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। भारत में पिछले पांच वर्षों में कैंसर (Cancer) के मामले और इससे होने वाली बीमारियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। संसद में साझा किए गए स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं। अनुमान के मुताबिक 2021 में देश में करीब 14.26 लाख कैंसर के मामले थे, जो 2025 तक लगभग 15.7 लाख हो गए। यानी पांच साल में करीब 1.44 लाख नए मामले बढ़े।
कैंसर: MRC का आंकड़ा
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इसी अवधि में कैंसर के कारण होने वाली मरीज़ों की संख्या भी बढ़ती है। 2021 में यह संख्या 7,89,202 थी, जो 2025 में 8,68,588 हो गई यानी पांच साल में 79,386, 2021 के बाद हर साल 15 हजार से ज्यादा कैंसर के खतरे के बराबर हैं। ये आंकड़े राज्यसभा में स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रतापराव तेंदुलकर ने एक सवाल के जवाब में साझा किए। यह अध्ययन भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद ( Indian Council of Medical Research) के राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्रीकृत प्रयोगशाला (MRC) से लिए गए हैं। बड़े और अधिक जनसंख्या वाले राज्यों में कैंसर के मामलों का आकलन सबसे अधिक है।
कैंसर: यूपी—बिहार में अधिक मामले
उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई। यहां 2021 में 2,06,088 से अधिक मामले 2025 में 2,26,125 हो गए—यानी 20,000 से अधिक मामले सामने आए. इसके बाद बिहार और महाराष्ट्र का स्थान है, जहां इसी अवधि में 11,000 से ज्यादा नए मामले सामने आए। इन राज्यों में कैंसर से होने वाली बीमारियों की संख्या भी बढ़ती है। उत्तर प्रदेश में 2021 से 2025 के बीच कैंसर से होने वाली मौतों के आंकड़े 11,000 से ज्यादा बढ़े हैं, जो देश में सबसे ज्यादा हैं। बिहार में इस अवधि में 6,528 और महाराष्ट्र में 6,370 अतिरिक्त मरीज आए।
