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The thermometer-भारत की Nuero सर्जरी काफी एडवांस: डॉ. भसीन

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। न्यूरो यानी ब्रेन से नस तक की देखभाल करने वाले प्रसिद्ध न्यूरो सर्जन डॉ. सुशील भसीन की बातचीत से अब तक आपने जाना कि सड़क हादसे के दौरान अगर गिरने से सिर में चोट लगे तो क्या सावधानी करनी चाहिए। ‘स्वास्थ्य की बात आशुतोष के साथ’ यानी यूट्यूब के The thermometer के दूसरे एपिसोड में डॉ. भसीन के साथ बातचीत हुई थी। अब उस बातचीत के दूसरे हिस्से में जानिए न्यूरो के बारे में।

आशुतोष: न्यूरो होता क्या है? एक आम आदमी को कोई कहता है कि न्यूरो डॉक्टर, न्यूरो सर्जन या न्यूरो फिजिशियन से जाकर दिखाइए। तो यह न्यूरो का क्या है और इसकी व्यापकता कितनी है?

डॉ. भसीन: न्यूरो का महत्व, मैं—हम जो हैं, जो भिन्न हैं, आपस में एक दूसरे से जो अलग होते हैं वो अपने ब्रेन के कारण ही होते हैं। न्यूरो का मतलब पहले सबसे पहले आदमी ये सोचता है कि ब्रेन से रिलेटेड हो। हमारा जिस्म जो चल रहा है, जो हम डिफरेंट है बाकी लोगों से, जो कोऑर्डिनेशन, जो हमारी जुबान, जो हमारी बात, जो हाथपांव चल रहे हैं और ठीक तरह मैं आपसे बात भी कर पा रहा हूं। ये जो कंट्रोल है वो न्यूरो है। सो न्यूरो नहीं तो हम सब बराबर। तो न्यूरो ही हम सबको एक दूसरे से अलग बनाता है। मेरी सोच, मेरा मस्तिष्क, मेरा जुनून सब काम ब्रेन का फ्रंट पार्ट करता है। न्यूरो ही है तो ये जमाने ने इतनी तरक्की देखी है। यानी यूनिक आइडेंटिफायर न्यूरो है।

आशुतोष: कंप्यूटर जैसा?

डॉ. भसीन: जी बिल्कुल।

#The thermometer

आशुतोष: ब्रेन सबका अलग-अलग काम करता है और कई तरह की उसमें समस्याएं भी आती हैं। तो कब एक न्यूरोसर्जन की या एक न्यूरो फिजिशियन की जरूरत पड़ती है?

डॉ. भसीन: कुछ कॉमन चीजें होती हैं। सबसे जो कॉमन है वो है हेडेक। जो हेडेक लंबा चले। किसी को मिर्गी के दौरे पड़ने लग पड़ते हैं, वो भी न्यूरो से रिलेटेड है। बिहेवियर खराब हो जाना, वो भी। आपके मूड स्विंग्स, वो भी न्यूरो से रिलेटेड है। ब्रेन एक सेंटर है और फिर पेरिफेरी जो स्पाइनल कॉर्ड है, ये भी न्यूरॉन का एक अंग है। रीढ़ की हड्डी की सारी जो तकलीफें हैं, दर्द वगैरह सब जो टांगों में जा रहा है। पेन महसूस होना जो डिफ्यूज पेन जो पूरे बदन में महसूस होता है। वो भी उसका मेन सेंटर ब्रेन है। तो ये सब चीजें और चक्कर आना, बैलेंस देखना, जो सब हमारी जो टेस्ट सेंस ऑफ स्मेल, ये सब न्यूरो से रिलेटेड है।

आशुतोष: डॉक्टर साहब, भारत में न्यूरोसर्जरी की क्या स्थिति है?

डॉ. भसीन: भारत की न्यूरो सर्जरी बहुत ही एडवांस्ड है। हिंदुस्तानी न्यूरो सर्जंस बहुत ही ज्यादा टैलेंटेड हैं और क्योंकि हमारे पास धैर्य बहुत हैं और इसीलिए हमारी जो न्यूरो सर्जरी की जो एक्यूरेसी है, सब कुछ है, वो हमें ज्यादा है। न्यूरो सर्जरी की सारी टेक्नोलॉजी भी हमारे पास है। माइक्रोस्कोप से अल्ट्रा माइक्रोस्कोप, सारे के सारे हमारे पास हैं। ब्रेन एक बहुत ही नाजुक चीज है जो एक जेली जैसी होते हैं। उसको हम छूते भी नहीं है। माइक्रोस्कोप के नीचे देखते हैं और एक-एक न्यूरॉन को बचाने की कोशिश करते हैं क्योंकि एक न्यूरॉन गया, एक ब्लड वेसल अगर रप्चर हुआ या उसको कोगुलेट कर दिया तो एक इंसान में बहुत बड़ी दिक्कत आ सकती है।

आशुतोष: आजकल नसों की बीमारी खूब हो रही है। नसों में झनझनाहट या दर्द है। तो इस तरह की जो बीमारियां है, क्या वो भी न्यूरो में ट्रीट होती है?

डॉ. भसीन: स्पाइन से 31 नसें बाहर निकल रही है। सारी ट्रांसमिशन सब इधर से हो रही है। ये तारें हैं जो पूरे शरीर को ट्रांसमिट करती है। दोनों तरफ से ऊपर की पांच छह जो नसें हैं, ये हमारी उंगलियों में आ रही हैं। और नीचे की जो पांच हैं, वो नीचे जा रही हैं। ये हमारे शॉकर्स हैं जिसको लोग डिस्क बोलते हैं। स्लिप डिस्क। जैसे बाइक में शॉकर हमें बचा रहा है। ऐसे ये शॉकर भगवान ने इस नस को बचाने के लिए रखा हुआ है ताकि उस पर प्रेशर पड़े तो अचानक से ना पड़े। जब ये शॉकर खराब हो जाता है तब कहते हैं डिस्क स्लिप हो गई। इरिटेट करने पर इसमें करंट आता है और नसों में दर्द होता है। यानी नसों से संबंधित कोई भी सिम्टम्स आ रहे हैं तो न्यूरो का मामला बनता है। नसों की झिल्ली उतर जाती है। शुगर में अक्सर झिल्ली उतर जाती है तो फिर वो स्पार्किंग होती है और दर्द।

आशुतोष: और विटामिन की कमी, ब्लड प्रेशर, थायराइड से नसों में कमजोरी आ जाती है। तो ऐसे लोगों को प्रिकॉशनरी क्या करना चाहिए?

डॉ. भसीन: एक तो जनरल चेकअप कराना चाहिए। देखना चाहिए कि शुगर ना हो। थायरॉइड ना हो और खून की कमी ना हो। कैल्शियम, मैग्नीशियम, जिंक ये सब देखने चाहिए। मैं यह नहीं कहूंगा कि हर एक बंदे को MRI कराना चाहिए। अपनी खुराक का ध्यान रखना चाहिए। ब्रेन डजंट लाइक शुगर, ज्यादा चीनी, ज्यादा शुगर, कार्ब्स यानी कार्बोहाइड्रेट्स। ब्रेन 70 से 80 प्रतिशत कोलेस्ट्रॉल का बना हुआ है। तो ये सब खुराक हमारी बैलेंस रहनी चाहिए। यह सबसे महत्वपूर्ण है। नींद सबसे जरूरी है क्योंकि सोने पर ग्रोथ हार्मोन रिलीज़ होती है और इससे सब मसल्स, सब चीजें रिपेयर होती है। स्ट्रेस का एलिमेंट कम करना चाहिए।

(जारी)

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