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कोरोना युद्ध में शहीद हुए इस डॉक्टर को प्रणाम!

चिकित्सकों को धरती का भगवान कहा जाता रहा है। जब भी स्वास्थ्य आपातकाल आया है  चिकित्सक सबसे आगे रहे हैं। भारत में विगत दो महीने से कोरोना-युद्ध चल रहा है। इस युद्ध में भारत ने अपने एक वीर सपूत चिकित्सक को खो दिया है। इंदौर के इस चिकित्सक के साथ-साथ कोरोना युद्ध में लड़ रहे सभी मेडिकल लड़ाकों को स्वस्थ भारत मीडिया की ओर से प्रणाम पहुंचे। डॉ. शत्रुघ्न पंजवानी की इस शहादत पर गायत्री सक्सेना की विशेष रपट  

नई दिल्ली/12 अप्रैल
कोरोना युद्ध में देश चिकित्सक, पारा मेडिकल स्टाफ सहित संपूर्ण मेडिकल फर्टिनिटी ने जी-जान से देश की सेवा कर रही है। आज भारत में कोरोना के पॉजिटिव की संख्या 7 हजार से ज्यादा हो चुकी है। 242 लोगों की जान जा चुकी है। इन 242 लोगों में 2 चिकित्सक भी शहीद हुए हैं। जिनके बारे में बहुत कम चर्चा हुई। मध्यप्रदेश के इंदौर निवासी डॉ शत्रुघ्न पंजवानी को भी कोरोना ने घेर लिया। कोरोना से वे कई मरीजों को ठीक कर चुके थे। लेकिन खुद को कोरोना की मार से नहीं बचा पाएं। भारत में कोरोना से मरने वाले वे पहले चिकित्सक थे। उनकी मौत ने चिकित्सकों की सेवा भावना को एक नई उच्चाई दी है। उन्होंने यह जता दिया कि भारत के चिकित्सक अपनी जान की बाजी लगा कर भी अपने मरीजों को ठीक करना जानते हैं।
डॉ. पंजवानी म.प्र. इंदौर के रूपनगर क्षेत्र में रहते थे। डॉक्टर पंजवानी अपना प्राइवेट क्लीनिक चलाते थे। इंदौर के आइएमए उपाध्यक्ष ने मीडिया को बताया कि डॉ पंजावनी को  22 मार्च से खांसी, बुखार चल रहा था। परिवार वालो से पूछने पर पता चला कि उन्हें कुछ एलर्जी  जैसी भी परेशानी थी। वे कोई ज्यादा एहतियात नहीं बरत  रहे थे। उसके बाद वह क्लीनिक नहीं गए थे 30 मार्च को उन्होंने किसी डॉक्टर से कंसल्ट किया और उसके बाद उनकी तीन जांच हुई। पहली जांच 3 अप्रैल को हुई  जो नेगेटिव आयी थी। दूसरी जांच  4 अप्रैल को हुई वो भी नेगेटिव थी और तीसरी जांच 5 अप्रैल को हुई थी जिसमें उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसके बाद वह अस्पताल में भर्ती हो गए थे जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी।  9 अप्रैल 2020 गुरुवार सुबह 4:00 बजे उनकी मृत्यु हो गई।

ऑस्ट्रेलिया से ही डॉ.पंजवानी के पुत्रो ने पिता को अंतिम विदाई दी

दुखद स्थिति यह है कि डॉ. पंजवानी की मौत ऐसे समय में हुई जब उनके तीनों बेटे ऑस्ट्रेलिया में थे। ऑस्ट्रेलिया से ही उन्होने अपने पिता को अंतिम विदाई दी। डॉ. पंजवानी की मौत को देश कोरोना युद्ध में शहादत मानता है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपनी संवेदना जताते हुए लिखा कि दूसरों के अमूल जीवन की रक्षा और उनके के विरुद्ध  लड़ते हुए बलिदान हो जाने वाले डॉक्टर शत्रुघ्न  पंजावनी जी की आत्मा की शांति के लिए हम सब प्रदेशवासी एक स्वर से करबद्ध प्रार्थना करते हैं। आप जैसे महा मानव को कभी भुलाया न जा सकेगा आपको विनम्र श्रद्धांजलि। इंदौर से ही एक आयुर्वेदिक चिकित्सक की भी कोरोना से मौत की खबर आई है। वे कोरोना युद्ध में मरने वाले दूसरे भारतीय चिकित्सक हैं।
भारत के चिकित्सकों को एवं मेडिकल स्टॉफ को आइए प्रणाम करें। इनकी बदौलत हम कोरोना युद्ध में आज पूरी दुनिया में बेहतर स्थिति में हैं।

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