स्वस्थ भारत मीडिया
समाचार / News

टीबी की दवा का अभाव, संकट में मरीज

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। टीबी की दवाओं की कमी से टीबी पीड़ित, डॉक्टर और सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर अपनी चिंता से अवगत कराया है। इससे केंद्र सरकार के टीबी-मुक्त भारत कार्यक्रम को झटका भी लग सकता है। इंडिया टीबी फोरम के सह-अध्यक्ष डॉ. टी. सुंदररमन और डॉ. योगेश जैन ने केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव और इंडिया टीबी फोरम के अध्यक्ष को पत्र लिखा है, जिसमें राजस्थान, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक में जमीनी स्तर से स्टॉक-आउट की रिपोर्टों की ओर इशारा किया गया है।

एड्स के वायरस खत्म

विशेषज्ञों ने दावा किया है कि उन्होंने लैब प्रयोगों के दौरान संक्रमित कोशिकाओं से HIV को सफलतापूर्वक खत्म कर दिया है। एम्स्टर्डम यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर से जुड़े एक्सपर्ट ने कहा है कि एक प्रक्रिया है जिसका नाम क्रिस्प है। यह डीएनए स्ट्रैंड को काटने के लिए विशेष एंजाइमों का उपयोग करता है। यह उसी तरह काम करता है जिस तरह कैंची काम करती है। डॉ. एलेना हेरेरा-कैरिलो के मुताबिक यह तकनीक वायरस का पता लगाना और उसे खत्म करना संभव बना सकती है। द सन में यह सारी जानकारी प्रकाशित हुई है। उनकी नजर में प्रारंभिक निष्कर्ष बहुत उत्साहजनक हैं।

फैटी लिवर की दवा इजाद

फैटी लिवर की समस्या से जूझ रहे रोगियों के लिए अमेरिका ने दवा बना ली है। अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने गंभीर प्रकार के गैर-अल्कोहल फैटी लीवर रोग वाले लोगों के लिए पहली दवा को मंजूरी दी है। पहले ऐसी कोई दवा नहीं थी, जो NASH वाले मरीज के लिवर को ठीक करने के लिए काम करे। रिपोर्ट के मुताबिक ड्रिगल फार्मास्यूटिकल्स की रेजडिफ्रा के क्लिनिकल परीक्षण में लिवर के घावों में सुधार देखा गया।

Related posts

भीषण प्रदूषण से दिल्ली-एनसीआर में हेल्थ इमरजेंसी जैसे हालात

admin

Swasth Bharat (Trust) is starting swasth bharat yatra – 2 ( 21000 km journey) for awareness of Generic Medicine, Nutrition and Ayushman Bharat

Ashutosh Kumar Singh

NRHM घोटालाः देरी पर SC ने लगाई CBI को फटकार

Ashutosh Kumar Singh

Leave a Comment