नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। सिम्पैथी इंस्टीट्यूट ऑफ होम्योपैथिक फार्मेसी एंड हॉस्पिटल ने विश्व युवक केंद्र, चाणक्यपुरी, नई दिल्ली में अपने दीक्षांत समारोह 2025 का गौरवपूर्ण आयोजन किया। यह कार्यक्रम सर्टिफिकेट इन होम्योपैथिक डिस्पेंसिंग और डिप्लोमा इन होम्योपैथिक फार्मेसी के छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ, जिसमें उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों और होम्योपैथी की पेशेवर दुनिया में उनके प्रवेश का जश्न मनाया गया।
इस समारोह में सांसद श्री रामवीर सिंह बिधूड़ी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने प्रेरक संबोधन में, श्री बिधूड़ी ने डिग्रीधारकों को बधाई दी और भारत के स्वास्थ्य सेवा में होम्योपैथी और आयुष चिकित्सा पद्धतियों के बढ़ते महत्व पर बल दिया। उन्होंने युवा डिग्रीधारकों को नैतिक प्रथाओं को बनाए रखने, करुणा और ईमानदारी के साथ समाज की सेवा करने के लिए प्रोत्साहित किया, साथ ही साथ ये बताया कि सिम्पैथी इंस्टिट्यूट ऑफ़ होम्योपैथिक फार्मेसी एंड हॉस्पिटल दिल्ली का पहला और इकलौता संस्थान है जो होम्योपैथिक फार्मेसी कोर्स में अपनी अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
Simpathy Institute of Homeopathic Pharmacy and Hospital
मुख्य अतिथि डॉ. टी. एन. गिरि, निदेशक, राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान, भारत सरकार ने होम्योपैथी के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कौशल विकास के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने होम्योपैथी के डिस्पेंसरीज और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स दोनों में होम्योपैथिक फार्मासिस्टों के लिए बढ़ते अवसरों पर प्रकाश डाला।
विशिष्ट अतिथि के रूप में, हरियाणा होम्योपैथिक परिषद के रजिस्ट्रार, डॉ. वैभव बिदानी ने विशेष अतिथि के रूप में भाग लिया। डॉ. बिदानी ने कुशल होम्योपैथिक फ़ार्मेसी पेशेवरों को तैयार करने और योग्य चिकित्सकों एवं योग्य होम्योपैथिक फ़ार्मासिस्टों के बीच की खाई को पाटने में संस्थान के प्रयासों की सराहना की तथा बहुत जल्द ही हरियाणा सरकार द्वारा इस तरीके कोर्स चलवाने की बात कही।
अपने स्वागत भाषण में, संस्थान के निदेशक, डॉ. आर. कांत ने होम्योपैथिक फार्मासिस्टों के बैच पर अपार गर्व व्यक्त करते हुए कहा, यह दीक्षांत समारोह न केवल अकादमिक सफलता को दर्शाता है, बल्कि होम्योपैथिक जगत के प्रति निष्ठा, ईमानदारी और निष्ठा के प्रति प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। हमारे छात्र एक ऐसी प्रणाली के दूत हैं जो सहानुभूति, सटीकता और मानवीय स्पर्श को महत्व देती है।
संस्थान की प्राचार्या डॉ. आयशा शम्सी ने छात्रों को हार्दिक बधाई दी और संकाय के समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा, “हमारे छात्र स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में सार्थक योगदान देने के लिए तत्पर हैं। उनका ज्ञान और करुणा मानवता की सेवा में उनके सबसे बड़े साधन होंगे तथा उन्होंने सिम्पैथी इंस्टीट्यूट ऑफ होम्योपैथिक फार्मेसी एंड हॉस्पिटल की अब तक की पूरी संघर्ष यात्रा को भी बताया।
कार्यक्रम का समापन डिप्लोमा वितरण,फार्मासिस्टों द्वारा शपथ ग्रहण समारोह और डॉ. पुष्कर मलिक द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। यह दीक्षांत समारोह छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के लिए गौरव और चिंतन का क्षण था – जो होम्योपैथिक फार्मेसी शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा में उत्कृष्टता के लिए सिम्पैथी संस्थान के अटूट समर्पण का प्रतीक है।
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