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अपनी मौत तो नहीं पी रहे हैं!

Soft Drink

Ashutosh Kumar Singh for SBA

Soft Drink
सॉफ्ट ड्रिंक किसी भी सूरत में सेहत के लिए लाभप्रद नहीं है

जिस तरह से बाजार ने हमें अपना गुलाम बनाया है, हम भूल गए हैं कि हम जो खा रहे हैं, जो पी रहे हैं वह हमारे स्वास्थ्य के लिए हानीकारक है की नहीं। हम खुद को एक विशेष वर्ग का बताने के लिए अपनी जीवन-शैली को नकारात्मक तरीके से बदलने के लिए मजबूर होते जा रहे हैं। हमें संभलने की जरूरत है। आज लोकसभा में इस बावत एक प्रश्न का जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री जे.पी.नड्डा ने यह माना है कि भारतीय मानक ब्‍यूरो द्वारा कार्बोनेटेड पेय पदार्थों के लिए जारी आईएस 2346:1992 के अनुसार जो भारतीय मानक निर्धारित किए हैं, उनका पालन करने में बहुत से उत्पाद असफल रहे हैं। 2013-14 में जांच के लिए 257 नमूने लिए गए थे, जिनमें 11 नमूने मानक मापदंडों को पूर्ण करने में असफल रहे हैं। वर्तमान में इस बावत आठ मामले कोर्ट में चल रहे हैं।
सॉफ्ट ड्रिंक बनाते समय ध्यान देने वाली बात
 भारतीय मानक ब्‍यूरो ने कार्बोनेटेड पेय पदार्थों के लिए आईएस 2346:1992 के अनुसार भारतीय मानक निर्धारित किए हैं। इन नियमों में इन पदार्थों के नमूनों और परीक्षण के संबंध में  बताया गया है। यह निम्नलिखित हैं-

  1. कार्बोनेटेड पेय पदार्थों के प्रकार
  2. इन पेय पदार्थों को तैयार करने के लिए निर्धारित स्‍वीकृत तत्वों की सूची
  3. स्वास्थ्यकर परिस्थितियां
  4. उत्पाद का विवरण
  5. रासायनिक और माइक्रोबायोलोजिकल आवश्यकताएं
  6. पैकिंग संबंधी जरूरतें
  7. ब्रांड/लेबल संबंधी आवश्यकताएं
  8. सैम्पलिंग

खाद्य सुरक्षा और मानक विनियमन (खा़द्य सुरक्षा मानक और खाद्ययोग्‍य पदार्थ) 2011 में कार्बोनेटेड पेय पदार्थों को तैयार करने के लिए स्‍वीकृत/गैर-स्‍वीकृत सामग्री की सूची दी गई है।
राज्‍यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों से प्राप्‍त जानकारी के अनुसार खाद्य सुरक्षा और मानक कानून 2006 के अंतर्गत सॉफ्ट ड्रिंक के उठाये गये नमूनों, मानकों के उल्‍लंघन और इसके तहत अदालत में चल रहे मामलों की संख्‍या नीचे दी गई है:
 

वर्षविश्‍लेषित नमूनों की संख्‍यामानकों का उल्‍लंघनअदालत में चल रहे मामले
2011-1220199
2012-132722727
2013-14257118
2014-154700

डाटा सोर्सः पीआईबी/स्वास्थ्य मंत्रालय/19.12.14
इस बावत स्वास्थ्य मंत्री जे.पी.नड्डा ने संसद में बताया कि राज्‍यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों में खाद्य सुरक्षा और मानक कानून 2006 के तहत खाद्य उत्‍पादों की नियमित तौर पर निगरानी की जाती है और खाद्य पदार्थों के नमूनों का  एक‍त्रीकरण निर्धारित नियमों और विनियमों के अनुसार किया जाता है।
राज्‍य खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा खाद्य उत्‍पादों के नमूने लेकर उन्‍हें परीक्षण के लिए खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण द्वारा अधिकृत परीक्षण शालाओं में विश्‍लेषण के लिए भेजा जाता है। खाद्य उत्‍पादों के लिए निर्धारित नियमों और विनियमों का उल्‍लंघन पाये जाने पर चूककर्ताओं के विरूद्ध कानूनी कार्रवाई की जाती है।
नोटःजरूर पढ़ेंः One soft drink a day raises ‘heart attack danger’ by 20% according to U.S study

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