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Ebola के संदिग्ध मरीज मिले भारत में, आइसोलेशन में

Ebola के संदिग्ध मरीज मिले भारत में, आइसोलेशन में

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। अहमदाबाद में स्वास्थ्य विभाग ने एहतियातन बड़ा कदम उठाते हुए कांगो से आए एक कारोबारी और उसके संपर्क में आए तीन अन्य लोगों को अलग-अलग अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया है। सभी के सैंपल जांच के लिए पुणे भेजे गए हैं, जिससे देश में इबोला वायरस के संभावित खतरे को लेकर चिंता बढ़ गई है। गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि फिलहाल किसी भी संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है।

इबोला: कांगो से आया था कारोबारी

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 37 वर्षीय कारोबारी करीब सात दिन पहले कांगो से मुंबई पहुंचा था। इसके बाद वह वडोदरा गया। कारोबारी को बुखार आने के बाद वडोदरा के बैंकर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में एहतियात के तौर पर उसे अहमदाबाद सिविल अस्पताल के इबोला वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। मंत्री ने कहा कि भर्ती कारोबारी की हालत फिलहाल स्थिर है और उसका तापमान नियंत्रण में है। साथ ही उसके संपर्क में आए लोगों में अभी तक कोई लक्षण दिखाई नहीं दिए हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि सभी लोगों को 10 से 11 दिनों तक आइसोलेशन में रखा जाएगा। उनके ब्लड सैंपल पुणे जांच के लिए भेजे गए हैं।

इबोला: एक की रिपोर्ट आई निगेटिव

इससे पहले युगांडा की यात्रा कर लौटी एक महिला को एहतियात के तौर पर बंगलूरू स्थित सरकारी एपिडेमिक डिजीज हॉस्पिटल में आइसोलेशन में रखा गया था। संबंधित व्यक्ति ने शरीर में हल्के दर्द की शिकायत की थी, जिसके बाद स्वास्थ्य प्रोटोकॉल के तहत उनका सैंपल जांच के लिए पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) भेजा गया। अब उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है और उसमें इबोला वायरस संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि फिलहाल भारत में इबोला वायरस का कोई भी मामला सामने नहीं आया है। मंत्रालय ने कहा कि राज्य सरकारों और स्वास्थ्य एजेंसियों के साथ मिलकर स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है।

इबोला: हाई अलर्ट पर देश

मालूम हो कि सभी निर्धारित एंट्री प्वाइंट्स, एयरपोर्ट्स और बॉर्डर हेल्थ सुविधाओं पर स्क्रीनिंग और सर्विलांस की प्रक्रिया जारी है। साथ ही पूरे सार्वजनिक स्वास्थ्य तंत्र को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी संभावित संक्रमण की जल्द पहचान कर आवश्यक कदम उठाए जा सकें। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अफवाहों और गलत सूचनाओं से बचें तथा केवल आधिकारिक स्रोतों से जारी जानकारी पर ही भरोसा करें। अधिकारियों ने कहा कि भारत वैश्विक बीमारियों के बदलते पैटर्न को देखते हुए पूरी तरह सतर्क है और संक्रमण की शुरुआती पहचान तथा त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली को लगातार मजबूत किया जा रहा है, ताकि किसी भी संभावित फैलाव को रोका जा सके। विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने कांगो में फैले इबोला बंडीबुग्यो प्रकोप को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि कांगो में अब तक 101 मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें 10 लोगों की मौत हुई है। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि वास्तविक स्थिति इससे कहीं अधिक गंभीर हो सकती है, क्योंकि 900 से ज्यादा संदिग्ध मामलों और 220 संदिग्ध मौतों की जांच अभी जारी है।

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