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WHO: भूटान बना रेबीज मुक्त देश

WHO: भूटान बना रेबीज मुक्त देश

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भूटान को देश में कुत्तों द्वारा फैलने वाले रेबीज को एक सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में समाप्त करने के लिए मान्यता दी है। देश की सफलता का श्रेय इसकी एक दशक लंबी ‘वन हेल्थ’ पद्धति को दिया जाता है, जो इस बात को मानती है कि मनुष्यों, जानवरों और पारिस्थितिक तंत्रों का स्वास्थ्य आपस में जुड़ा हुआ है। इसके साथ ही भूटान विश्व स्वास्थ्य संगठन के दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में यह उपलब्धि हासिल करने वाला पहला देश बन गया है।

वन हेल्थ नीति से लाभ

निवेदिता पाटिल की रिपोर्ट के मुताबिक डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस ने कहा है कि भूटान की सफलता दर्शाती है कि मनुष्य, पशु और हमारे साझा पर्यावरण का स्वास्थ्य आपस में अटूट रूप से जुड़ा हुआ है। स्वास्थ्यकर्मियों, पशु चिकित्सकों और समुदायों को एकजुट करके भूटान ने यह साबित कर दिया है कि रेबीज के खिलाफ लड़ाई अलग-थलग रहकर नहीं, बल्कि सभी क्षेत्रों में एकजुटता के माध्यम से जीती जा सकती है। वन हेल्थ दृष्टिकोण विभिन्न क्षेत्रों में समन्वित और एकीकृत कार्यों के माध्यम से मानव, पशु, पौधे और पारिस्थितिकी तंत्र के स्वास्थ्य के अनुकूलन को बढ़ावा देता है। इस दृष्टिकोण के तहत, भूटान ने रेबीज जैसी सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों की निगरानी के लिए संसाधन आवंटन, एकीकृत निगरानी और रणनीतिक योजना को प्राथमिकता दी है। पशु और मानव स्वास्थ्य अधिकारी संभावित जोखिमों की पहचान करने के लिए सहयोग करते हैं और आवश्यकता पड़ने पर, वन हेल्थ ढांचे के तहत संयुक्त क्षेत्रीय जांच करते हैं।

कड़े मूल्यांकन के बाद फैसला

डब्ल्यूएचओ के इस सत्यापन का समर्थन करते हुए भूटान में डब्ल्यूएचओ की प्रतिनिधि डॉ. भूपिंदर कौर औलख ने कहा कि भूटान का सत्यापन एक स्वास्थ्य दृष्टिकोण और सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज में वर्षों के निवेश पर आधारित है। डब्ल्यूएचओ का यह सत्यापन सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में कुत्ते के द्वारा मानव में फैलने वाले रेबीज के उन्मूलन के सत्यापन के लिए डब्ल्यूएचओ विशेषज्ञ परामर्श में उल्लिखित मानदंडों के आधार पर किए गए कठोर मूल्यांकन के बाद किया गया है। रेबीज एक वायरल बीमारी है, जो विश्व स्तर पर एक अरब लोगों को प्रभावित करती है। कुत्तों का टीकाकरण और तुरंत चिकित्सा उपचार (पोस्ट-एक्सपोजर प्रोफिलैक्सिस-PEP) का उपयोग करने से कुत्ते के काटने के बाद वायरस को केंद्रीय तंत्रिका तंत्र तक पहुंचने से रोका जा सकता है, जिससे कुत्ते के काटने से होने वाली रेबीज से होने वाली मौतों को रोका जा सकता है।

दो चरणों में समीक्षा

विश्व पशु स्वास्थ्य संगठन (WOAH) के सहयोग से डब्ल्यूएचओ द्वारा गठित समीक्षा समूह ने भूटान में 17 से 22 अगस्त तक दो चरणों में समीक्षा की। इस मिशन के दौरान, समीक्षा दल ने राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और उप-जिला स्वास्थ्य सुविधाओं का दौरा करके, प्रयोगशालाओं का निरीक्षण करके, कार्यक्रम अभिलेखों और सूचना प्रणालियों की समीक्षा करके, भूटान-भारत सीमा क्षेत्र का दौरा करके और कार्यक्रम कर्मचारियों और बहुक्षेत्रीय हितधारकों के साथ परामर्श करके जमीनी स्तर पर साक्ष्यों का सत्यापन किया। भूटान ने स्वास्थ्य और कृषि एवं पशुधन मंत्रालयों, दे-सुंग राष्ट्रीय स्वयंसेवी सेवा और स्थानीय समुदायों के सहयोग से इस उपलब्धि को हासिल करने वाली प्रणालियों को बनाए रखने का संकल्प लिया है। देश को भूटान स्वास्थ्य ट्रस्ट फंड (BHTF) और महामारी कोष सहित साझेदारों से वित्तीय सहायता प्राप्त हुई है।

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