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जैव सुरक्षा प्रशिक्षण पर मणिपाल में कार्यशाला आयोजित

जैव सुरक्षा प्रशिक्षण पर मणिपाल में कार्यशाला आयोजित

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद (CCRH) ने मणिपाल उच्च शिक्षा अकादमी (MAHE), मणिपाल की घटक इकाई, मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (MIV) के सहयोग से 6 से 10 अक्टूबर तक मणिपाल परिसर में जैव सुरक्षा और प्रकोप सिमुलेशन प्रशिक्षण 2025 शीर्षक पांच दिवसीय आवासीय कार्यशाला शुरू की है। यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम CCRH के अनुसंधान वैज्ञानिकों के लिए अत्यंत सटीक रूप से तैयार किया गया है। इस क्षमता-निर्माण कार्यक्रम का उद्देश्य तैयारियों, जैव सुरक्षा प्रथाओं और रोगों के प्रकोप की स्थिति में प्रतिक्रिया की क्षमताओं को बढ़ाना है जिससे आयुष मंत्रालय के अंतर्गत लोक स्वास्थ्य संबंधी पहलों को मज़बूत करने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।

जैव: अनुसंधान वैज्ञानिक रहे मौजूद

एमआईवी के निदेशक डॉ. चिरंजय मुखोपाध्याय ने कार्यशाला में सभी सम्मानित गणमान्य व्यक्तियों, विषय विशेषज्ञों और प्रशिक्षुओं का स्वागत किया। सीसीआरएच के महानिदेशक डॉ. सुभाष कौशिक ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यशाला का उद्घाटन किया। उन्होंने अपने उद्घाटन भाषण में सामर्थ्यवान स्वास्थ्य सेवा प्रणाली के निर्माण और अनुसंधान वैज्ञानिकों को स्वास्थ्य के क्षेत्र में उभरते संकटों से निपटने के लिए आवश्यक कौशल से लैस करने के उद्देश्य से सीसीआरएच और एमएएचई के बीच सहयोग के महत्व पर बल दिया। उन्होंने संक्रामक रोगों और वैश्विक महामारियों से निपटने में होम्योपैथी की क्षमता का उल्लेख किया।

जैव: Mou संपन्न

इस दौरान, अनुसंधान, शिक्षा और प्रशिक्षण के प्रमुख क्षेत्रों में उपयोगी सहयोग को सुगम बनाने के लिए सीसीआरएच और एमएएचई के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) का आदान-प्रदान किया गया। सीसीआरएच के महानिदेशक डॉ. सुभाष कौशिक और एमएएचई के रजिस्ट्रार डॉ. पी. गिरिधर किनी ने इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इसके अतिरिक्त एमएएचई में स्वास्थ्य विज्ञान के प्रो-वाइस चांसलर डॉ. शरत कुमार राव के. ने अपने मुख्य भाषण में इस प्रशिक्षण के आयोजन के प्रयासों की सराहना की और सहयोगी अनुसंधान परियोजनाओं के संचालन में एमएएचई की ओर से हर प्रकार के सहयोग का आश्वासन दिया।

जैव: दिग्गजों की रही उपस्थिति

सीसीआरएच के अनुसंधान वैज्ञानिकों के लिए प्रशिक्षण के इस अवसर ने भारत के 22 राज्यों में इसके 33 संस्थानों की व्यापक भागीदारी के साथ बड़े स्तर पर रुचि पैदा की है। मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी की ओर से किए गए गहन ऑनलाइन मूल्यांकन के बाद इस कार्यशाला में भाग लेने के लिए 14 राज्यों 30 प्रतिभाशाली अनुसंधान वैज्ञानिकों का चयन किया गया।
सीसीआरएच में अनुसंधान अधिकारी (होम्योपैथी)/वैज्ञानिक-द्वितीय डॉ. सुहाना पी. अजीस, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. श्रीकांत गोपीनाथन पिल्लई, सहायक प्रोफेसर डॉ. सुधीश एन., और एमआईवी, मणिपाल के व्याख्याता श्री अनुप जयराम इस प्रशिक्षण के समन्वयक थे।

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