स्वस्थ भारत मीडिया
समाचार

बिहार के लोगों ईलाज के लिए नहीं जाना पड़ेगा बाहर, बिहार सरकार बनाने जा रही है 5462 बेड वाला अस्पताल, मुख्यमंत्री ने किया परियोजना का शिलान्यास

5,540 करोड़ रुपये की लागत से विश्वस्तरीय अस्पताल बनेगा पी.एम.सी.एच

 

 

पटना, 08 फरवरी 2021/ स्वस्थ भारत मीडिया डेस्क

 

मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने पीएम.सी.एच परिसर में भूमि पूजन एवं शिलापट्ट का अनावरण कर पटना चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल की पुनर्विकास परियोजना का शिलान्यास किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के इस समारोह में आप लोगों की उपस्थिति के लिए अभिनंदन करता हूं।

स्वास्थ्य मंत्री एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव सहित अन्य वक्ताओं ने इस परियोजना से संबंधित कई बातों की जानकारी आप लोगों के समक्ष दी है। उन्होंने कहा कि हमारा भी छात्र जीवन से ही पी.एम.सी.एच. से लगाव रहा है। हम बगल के इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ते थे। श्रद्धेय अटल जी की सरकार में हमलोगों ने इस इंजीनियरिंग कॉलेज को एन.आई.टी. में तब्दील कराया। कॉलेज के दिनों में इस अस्पताल में पढ़ रहे मित्रों से मिलने के लिए पी.एम.सी.एच में आया करते थे। पी.एम.सी.एच. का शुरु से अपना विशिष्ट महत्व रहा है। पहले पूर्वी भारत एवं नेपाल के लोग भी यहां इलाज के लिए आते थे। पी.एम.सी.एच. को और बेहतर बनाने के लिए अनेक डॉक्टरों से बातचीत होती रही है। पी.एम.सी.एच. में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में हम आते रह हैं और उस दौरान इस पर चर्चा होती रही है। जब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा जी थे तो उस समय भी एक कार्यक्रम यहां आयोजित हुआ था उसमें भी हमारी इस संबंध में उनसे बातचीत हुई थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मंगल पांडेय जी जब स्वास्थ्य मंत्री बने तो पी.एम.सी.एच. का पुनर्निमाण कर इसे विश्वस्तरीय बनाने की योजना पर तेजी से काम शुरू हुआ। इसके लिए विशेषज्ञों की एक कमिटी भी बनाई गयी। आज के कार्यक्रम में एक प्रस्तुतीकरण के माध्यम से आप सभी को दिखाया गया है कि पी.एम.सी.एच. किस तरह से विश्वस्तरीय अस्पताल बनेगा। इसका निर्माण तीन चरणों में होगा। निर्माण के दौरान पी.एम.सी.एच. का काम प्रभावित नहीं होगा।

यहां चिकित्सकों, कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं के रहने के लिए आवास का बेहतर निर्माण भी किया जायेगा। इस परियोजना में एक-एक बिंदु का ध्यान रखा गया है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में बताया गया है कि इस परियोजना के पूर्ण होने का लक्ष्य 7 वर्ष निर्धारित किया गया है। मेरी ख्वाहिश है कि इसका निर्माण कार्य 5 वर्षों में पूर्ण कर लिया जाय।

निर्माण कार्य तेजी से हो इसके लिए विशेषज्ञों की एक कमिटी भी बनायें जो इसका सतत् अनुश्रवण करती रहे। हम भी निर्माण कार्य का जायजा लेने के लिए बिना बताए बीच-बीच में आते रहेंगे और जरूरी सुझाव देते रहेंगे। किसी प्रकार की जरुरत होने पर सरकार की तरफ से पूरा सहयोग दिया जाएगा। जितने संसाधन की जरुरत होगी सब उपलब्ध कराए जाएंगे। पी.एम.सी.एच. का निर्माण कार्य तेजी से पूर्ण हो ये हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

पी.एम.सी.एच. में लोगों के आवागमन को बेहतर बनाने के लिए इसे गंगा पथ से जोड़ा जा रहा है। अशोक राजपथ से भी एलिवेटेड सड़क बनाकर इसे जोड़ा जाएगा। यहां हेलिकॉप्टर के भी उतरने की व्यवस्था होगी ताकि गंभीर स्थिति वाले मरीजों को यहां लाने में सुविधा हो। यहां गाड़ियों की पार्किंग की भी उचित व्यवस्था होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अस्पताल में सभी प्रकार की बीमारियों का इलाज होगा और अनुसंधान कार्य भी किए जाएंगे। एन.एम.सी.एच., एसके.एम.सी.एच. और ए.एन.एम.सी.एच अस्पतालों में भी बेड की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। हमलोगों का उद्देश्य है कि किसी को भी इलाज के लिए बिहार से बाहर जाना न पड़े।

उन्होंने कहा कि हमलोगों की सरकार आने के पहले राज्य में स्वास्थ्य की क्या स्थिति थी, सभी जानते हैं। वर्ष 2006 से ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को बेहतर बनाने के लिए काम किया गया। गांव में रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य का भी ख्याल रखा जा रहा है। अब उनलोगों के लिये नई तकनीक के माध्यम से कई बीमारियों के इलाज का इंतजाम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि पी.एम.सी.एच. के पुनर्विकास कार्य की शुरुआत आज हुयी है और मेरी इच्छा है कि यह पांच वर्ष में बनकर विश्वस्तरीय स्वरुप में तैयार हो जाए।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का स्वागत स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने हरित पौधा एवं स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय ने प्रतीक चिन्ह भेंटकर किया। कार्यक्रम के दौरान पटना चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल की पुर्नविकास एवं परियोजना से संबंधित एक प्रस्तुतीकरण दिया गया।

कार्यक्रम को इन्होंने किया संबोधित

कार्यक्रम को केन्द्रीय संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी और विधि एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद, उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय, विधायक अरुण कुमार सिन्हा, विधायक नितिन नवीन, स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत एवं पी.एम.सी.एच. के प्राचार्य श्री विद्यापति चैधरी ने भी संबोधित किया।

इनकी रही उपस्थिति

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, पी.एम.सी.एच. के अधीक्षक आई.एस. ठाकुर, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह, प्रमंडलीय आयुक्त संजय कुमार अग्रवाल, बी.एस.एम.आई.सी.एल. के प्रबंध निदेशक श्री प्रदीप झा, राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार, स्वास्थ्य विभाग के अवर सचिव कौशल किशोर, पुलिस महानिरीक्षक पटना रेंज संजय सिंह, जिलाधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सिंह, वरीय पुलिस अधीक्षक उपेंद्र शर्मा सहित वरिष्ठ चिकित्सकगण, पूर्व प्राचार्य, पूर्व अधीक्षक, चिकित्सकगण, कर्मचारीगण, छात्र-छात्राएं एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

 

Related posts

कोरोना की मारः अधर में है लाखों शिक्षार्थियों का भविष्य

Covid-19 Impact on Economy and Remedial Measures

बजट 2016: नई स्वास्थ्य सुरक्षा योजना की होगी शुरूआत, प्रति परिवार 1 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा

swasthadmin

Leave a Comment