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शिकायत के बाद भारतीय Eye Drop के निर्माण पर बैन

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। जानलेवा भारतीय आईड्रॉप के निर्माण पर सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (CDSCO) ने रोक लगा दी है। अमेरिका में इस आईड्रॉप के इस्तेमाल से आंखों में इंफेक्शन के मामले सामने आने लगे थे। इस आईड्रॉप के खिलाफ अमेरिका की फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने भी जांच शुरू कर दी है। FDA ने लोगों को आईड्रॉप एजरीकेयर खरीदने से मना कर दिया है। इधर तमिलनाडु के स्टेट ड्रग कंट्रोलर ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है।

आईड्रॉप से इंफेक्शन और मौत भी

मीडिया खबरों के मुताबिक अमेरिका के 12 राज्यों में 55 मरीजों को एजरीकेयर आईड्रॉप से इंफेक्शन होने के मामले सामने आए। इनमें से एक मरीज की मौत हो गई और कुछ लोगों की आंखों की रोशनी हमेशा के लिए चली गई है। इस पर एक्शन में आते हुए CDSCO ने रोक लगायी है। उसके एक्सपर्ट के साथ तमिलनाडु स्टेट ड्रग कंट्रोलर की टीम चेन्नई स्थित ग्लोबल फार्मा के प्लांट पहुंची। जांच के दौरान यह पाया गया कि चेन्नई स्थित इस फर्म ने ‘कृत्रिम आंसू‘ के 24 बैचों की दो खेप अमेरिका निर्यात की थी। इन खेपों का निर्माण 2021 और 2022 में हुआ था। जांचकर्ताओं ने चार बैचों से और कच्चा माल कार्बोक्सी मिथाइल सेलुलोज सोडियम का भी नमूना लिया।

अन्य प्रोडक्ट पर भी रोक

निर्माता कंपनी इस आईड्रॉप को कई अन्य देशों को निर्यात करती है लेकिन भारत में इसकी बिक्री नहीं होती है। अमेरिका ने इस कंपनी अन्य दवाओं के आयात पर बैन लगा दिया है। अमेरिका ने उपभोक्ताओं को सतर्क करने के साथ ही डॉक्टरों को भी इस आईड्रॉप को ना लिखने के निर्देश जारी कर दिए हैं।

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