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MBBS की पढ़ाई पूरी करने के लिए 9 साल की समय सीमा तय

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। अब एमबीबीएस करने वाले छात्रों को एडमिशन से नौ साल के भीतर कोर्स पूरा करना होगा। उन्हें फर्स्ट ईयर की परीक्षा पास करने के लिए सिर्फ चार अवसर दिये जायेंगे। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने मेडिकल की पढ़ाई से संबंधित नए नियम जारी किए हैं।

इंटर्नशिप पूरा करना जरूरी

NMC ने दो जून को जारी अधिसूचना में कहा कि किसी भी परिस्थिति में MBBS के छात्र को फर्स्ट ईयर के लिए चार से अधिक प्रयास की अनुमति नहीं दी जाएगी और किसी भी छात्र को कोर्स में एडमिशन की तारीख से नौ साल बाद ग्रेजुएट मेडिकल कोर्स जारी रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी। कंप्लसरी रोटेटिंग मेडिकल इंटर्नशिप रेगुलेशन, 2021 के मुताबिक ग्रेजुएट मेडिकल कोर्स प्रोग्राम में भर्ती हुए छात्र को ग्रेजुएट तब तक पूरा नहीं माना जाएगा जब तक कि वह अपनी रोटेटिंग मेडिकल इंटर्नशिप पूरी नहीं कर लेता।

काउंसलिंग के लिए बनेगी अथॅरिटी

आदेश के मुताबिक काउंसलिंग पूरी तरह से NMC द्वारा दी गई सीटों पर आधारित होगी। आवश्यकता अनुसार कॉमन काउंसलिंग के कई चरण हो सकते हैं। अंडर-ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन बोर्ड (UGMEB) कॉमन काउंसलिंग के संचालन के लिए दिशा-निर्देश जारी करेगा और नामित अथॉरिटी इन दिशा-निर्देशों के अनुरूप काउंसलिंग का आयोजन करेगी। कोई भी चिकित्सा संस्थान इन नियमों का उल्लंघन कर किसी भी उम्मीदवार को स्नातक चिकित्सा शिक्षा (GME) पाठ्यक्रम में प्रवेश नहीं देगा।

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