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युवा आबादी की ताकत से देश की क्षमता का निर्धारण : डॉ. मांडविया

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। विकास के लिए किसी देश की क्षमता एवं संभावना उसकी युवा आबादी के आकार और ताकत से निर्धारित होती है। युवा विकास के लिए एक प्रमुख शक्ति बन सकते हैं, जब उन्हें ज्ञान और अवसर प्रदान किए जाएं, जिनकी उन्हें सफल होने के लिए आवश्यकता होती है। केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने ‘हेल्थ ऑफ यूथ-वेल्थ ऑफ नेशन’ में अपने उद्घाटन भाषण के दौरान यह बात कही। जी-20 के इस को-ब्रांडेड कार्यक्रम का आयोजन मातृ, नवजात शिशु, बाल स्वास्थ्य (PMNCH) की भागीदारी से मंत्रालय ने यहां किया। इस वैश्विक कार्यक्रम का उद्देश्य दुनिया भर के 1.8 बिलियन किशोरों व युवाओं के स्वास्थ्य और कल्याण की जरूरतों को रेखांकित करना है।

युवाओं की जरूरतों का होगा समाधान

डॉ. मांडविया ने कहा कि भारत की जी-20 की अध्यक्षता यह सुनिश्चित करने के लिए एक ऊंची छलांग होगी कि दुनिया के 1.8 बिलियन युवाओं की जरूरतों और अधिकारों का समाधान किया जाए, उनकी आवाज सुनी जाए और संसाधनों और अवसरों तक उनकी पहुंच बनाई जाए जो उनके अधिकतम विकास के लिए आवश्यक है। युवा सशक्तिकरण के प्रति भारत सरकार की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि किशोरों व युवाओं के स्वास्थ्य और कल्याण पर ध्यान केंद्रित करने वाला यह कार्यक्रम किशोरों और युवाओं की मानव पूंजी में निवेश को बढ़ावा देने में भारत सरकार के नेतृत्व पर बल देता ह।

378 मिलियन किशोर और युवा आबादी

इस बात पर प्रकाश डालते हुए कि भारत दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी में से एक है, जिसमें 378 मिलियन किशोर और युवा हैं और देश की 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम आयु की है, डॉ. भारती प्रवीण पवार ने कहा कि हमारी सरकार परिवर्तनकारी शक्ति और हमारे युवाओं की असीम क्षमता में दृढ़ता से विश्वास करती है। उनकी ऊर्जा, विचार और दृढ़ संकल्प हमारे महान राष्ट्र के भविष्य के पथ को आकार देने की कुंजी है। उन्होंने आगे कहा कि युवाओं की भलाई में निवेश करना न केवल एक नैतिक दायित्व है बल्कि एक रणनीतिक निर्णय है जो हमारे राष्ट्र की सफलता और समृद्धि को निर्धारित करेगा।

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