नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। Generic Medicine खासकर जनऔषधि परियोजना के लिए दवाइयों का निर्माण करने वाली कंपनियों की दीवाली अब ठीक से मन जाएगी। पिछले कई महीनों से उनका पेमेंट रूका हुआ था। पेमेंट रुकने एवं पीओ ऑर्डर जारी नहीं होने से जनऔषधि दवाइयों की आपूर्ति प्रभावित होने लगी थी। जो अब ठीक होता हुआ नज़र आ रहा है। सूत्रों का कहना है कि जनऔषधि निर्माताओं के लगभग 450 करोड़ रुपये बकाए राशि में से 150 करोड़ की राशि जारी की जा चुकी हैं। जबकि बाकी राशि अगले 10 दिनों में जारी होने की संभावना है। प्रत्येक दिन 25 करोड़ का भुगतान जनऔषधि की ओर से की जा रही है।
जीरो डिस्टेंसिंग पॉलिसी भी हो सकती है वापस
इस बीच जनऔषधि संचालकों के लिए भी एक अच्छी खबर आ सकती है। जीरो डिस्टेंसिंग पॉलिसी को वापस लेने का मन सरकार ने बना लिया है। इसको लेकर जनऔषधि संचालकों में भारी रोष देखने को मिला था। दुकाने बंद तक की गई थी। और इसकी शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय तक को की गई थी। पीएमओ से फटकार लगने के बाद विभाग ने इस पॉलिसी को वापस लेने का मन बनाया है। हालांकि एक किमी की मिनिमम दूरी को घटाकर 500 मीटर किया जा सकता है। स्वस्थ भारत ने भी इस पॉलिसी को वापस करने के लिए स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखा था।
