नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। स्वास्थ्य सेवा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ( AI)आधारित नैदानिक उपकरणों को शामिल करने के लिए कदम उठाते हुए तीन संस्थानों—एम्स दिल्ली, एम्स ऋषिकेश और PGIMER, चंडीगढ़ को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उत्कृष्टता केंद्र के रूप में नामित किया गया है। राज्यसभा में यह जानकारी स्वास्थ्य राज्यमंत्री प्रतापराव जाधव ने दी।
हेल्थ: कई संगठन सक्रिय
उन्होंने बताया कि मंत्रालय पूरे देश में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं में परिवर्तनकारी बदलाव लाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का लाभ प्राप्त कर रहा है। मंत्रालय ने विभिन्न AI परियोजनाओं के लिए केंद्रीय क्षय रोग प्रभाग, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र, सीडैक-मोहाली, ICMR, MEITY, उच्च शिक्षा मंत्रालय, भारतीय विज्ञान संस्थान (IISC) और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र जैसे प्रमुख संगठनों के साथ सहयोग किया है। मंत्रालय ने तीनों सीओई को तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए वाधवानी AI के साथ भी सहयोग किया है। उसने एआई समाधान विकसित किए हैं, जिनमें ई-संजीवनी में क्लिनिकल डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (CDSS), डायबिटिक रेटिनोपैथी (DR पहचान समाधान) शामिल हैं।
हेल्थ: कई रोगों के लिए सेवा उपलब्ध
उन्होंने कहा कि मधुनेत्र AI (डायबिटिक रेटिनोपैथी पहचान समाधान) एक AI समाधान है जिसे गैर-विशेषज्ञ स्वास्थ्य कर्मियों को डायबिटिक रेटिनोपैथी की जांच करने में सक्षम बनाने के लिए विकसित किया गया है। यह मानक श्रेणियों में डायबिटिक रेटिनोपैथी को वर्गीकृत करता है, जिससे विशेषज्ञ रेफरल के लिए तत्काल मामलों को प्राथमिकता देकर अनुकूलित संसाधन आवंटन संभव होता है। इस समाधान को 11 राज्यों में 38 सुविधाओं में लागू किया गया है जिससे 7,100 रोगियों को लाभ हुआ है। इसी तरह ‘क्लिनिकल डिसीजन सपोर्ट सिस्टम’ (सीडीएसएस) एआई समाधान को राष्ट्रीय टेलीमेडिसिन प्लेटफॉर्म, ई-संजीवनी में एकीकृत किया गया है। टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत, सामुदायिक परिवेश में फुफ्फुसीय टीबी की जांच के लिए ‘टीबी के विरुद्ध खांसी’ (CATB) AI समाधान का उपयोग किया जाता है। इसे 1.62 लाख से अधिक व्यक्तियों की जांच के लिए सीएटीबी समाधान का उपयोग किया गया है।
हेल्थ: टेली मानस के 53 सेल
उन्होंने एक अन्य सवाल पर सदन को बताया कि टेली-मानस अब 36 राज्यों चालू है और देश भर में 53 टेली-मानस प्रकोष्ठ उपलब्ध हैं। गुणवत्तापूर्ण मानसिक स्वास्थ्य परामर्श और देखभाल सेवाओं तक पहुँच को और बेहतर बनाने के लिए सरकार ने इसे 10 अक्टूबर, 2022 को शुरू किया है। टेली-मानस मोबाइल एप्लिकेशन का विस्तार 10 अतिरिक्त क्षेत्रीय भाषाओं असमिया, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, मराठी, तमिल, तेलुगु, उड़िया और पंजाबी को पहले से उपलब्ध भाषाओं, अंग्रेजी और हिंदी के साथ शामिल करने के लिए किया गया है। अब तक 53 टेली-मानस प्रकोष्ठ स्थापित किए हैं। इसकी सेवाएँ राज्यों द्वारा चुनी गई भाषा के आधार पर 20 भाषाओं में उपलब्ध हैं।
