स्वस्थ भारत मीडिया
आयुष / Aayush

किडनी विकारों के इलाज में आयुर्वेद भी कारगर

AIIA में आयुर्वेद नेफ्रोलॉजी पर राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान में बुधवार को आयुर्वेद नेफोरोलॉजी पर राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया जहाँ प्रतिष्ठित विद्वानों ने आयुर्वेद की मदद से कई प्रकार किडनी के रोगों के इलाज के बारे में चर्चा की। इस वर्कशॉप में कई पेशेंट केसेस पर भी चर्चा हुई जहाँ आयुर्वेदिक इलाज से रोग का सफलतापूर्वक इलाज किया गया।

10 करोड़ लोगों किडनी रोग

‘वृक्का संभाषण’ नाम से आयोजित इस कार्यशाला में ऐसी कई डाइट सम्बन्धी आदतों पर भी चर्चा हुई जिससे किडनी सम्बन्धी रोगों से बचाव किया जा सकता है। पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGIMER), चंडीगढ़ के अनुसार अनुमान है कि भारत में लगभग 10 करोड़ लोगों को क्रोनिक किडनी रोग (Chronic Renal Failure) है।

दिग्गज विशेषज्ञ रहे शामिल

कायाचिकित्सा विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यशाला में आयुर्वेदिक नेफ्रोलॉजी के क्षेत्र के प्रतिष्ठित मगनभाई अदनवाला, महागुजरात विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एसएन गुप्ता, कमलेश आयुर्वेद अस्पताल और पंचकर्म केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. संजय सिन्हा, पुनर्नवा त्रिमर्म चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र, नांदेड़ की निदेशक डॉ. सरिता गायकवाड़, आयुर्वेद व्यासपीठ के कार्यालय प्रमुख डॉ. विनय वालेकर, AIIA के डीन प्रोफेसर (डॉ.) महेश व्यास, डॉ. आनंदरमन शर्मा, मेडिकल सुपरिन्टेन्डेन्ट, डॉ. रमाकांत यादव, एसोसिएट प्रोफेसर, कायाचिकित्सा, डॉ. राजाराम महतो, असिस्टेंट प्रोफेसर, कायाचिकित्सा विभाग, प्रोफेसर (डॉ.) एस जोनाह, एचओडी कायाचिकित्सा विभाग और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे। सभी स्कॉलर्स ने वहाँ पर उपस्थित आयुर्वेदिक सिद्धांतों पर आधारित अपने अध्ययन, अनुसंधान और प्रथाओं को साझा किया। आल इंडिया इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ आयुर्वेदा की डायरेक्टर प्रो. (डॉ.) तनुजा नेसारी ने समापन समारोह में अध्यक्षीय भाषण दिया और विशेषज्ञों का अभिनंदन किया। डॉ दिव्या कजारिया, असिस्टेंट प्रोफेसर, कायाचिकित्सा ने धन्यवाद भाषण दिया।

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