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सतर्क रहें, कोरोना की चुनौती पूरी तरह खत्म नहीं : पीएम

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 27 अप्रैल को कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा करने के लिए मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत की। बच्चों में संक्रमण के बढ़ते मामलों के संदर्भ में ं टेस्ट, ट्रैक और ट्रीट की अपनी रणनीति को उसी प्रभाव के साथ लागू करने पर बल दिया।

सतर्क रहने की जरूरत

प्रधानमंत्री ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में केंद्र और राज्य के सामूहिक प्रयासों के बारे में चर्चा की। उन्होंने मुख्यमंत्रियों, अधिकारियों और सभी कोरोना योद्धाओं के प्रयासों के लिए उनकी सराहना की। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट है कि कोरोना की चुनौती पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। ओमाइक्रोन और इसके सब-वेरिएंट समस्या पैदा कर सकते हैं। फिर भी, पिछले दो हफ्तों में, कुछ राज्यों में बढ़ते मामलों से पता चलता है कि हमें सतर्क रहने की जरूरत है।

अभियान चलाकर बच्चों को कवच दें

उन्होंने कहा कि टीका प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंच गया है और यह गर्व की बात है कि 96 प्रतिशत वयस्क लोगों को कम से कम खुराक का एक टीका लगाया जा चुका है और 15 वर्ष से अधिक उम्र के लगभग 84 प्रतिशत लोगों ने दोनों खुराक प्राप्त की हैं। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों के अनुसार वैक्सीन कोरोना के खिलाफ सबसे बड़ा बचाव है। उन्होंने संतोष व्यक्त किया कि अधिक से अधिक बच्चों को वैक्सीन मिल रही है। प्रधानमंत्री ने कहा, “हमारी प्राथमिकता सभी योग्य बच्चों का जल्द से जल्द टीकाकरण करना है। इसके लिए पहले की तरह स्कूलों में भी विशेष अभियान चलाने की जरूरत होगी। शिक्षकों और अभिभावकों को इसके बारे में पता होना चाहिए।”

मुख्यमंत्रियों ने अपनी राय रखी

केंद्रीय गृह मंत्री ने टेस्ट, ट्रैक, उपचार, टीकाकरण का पालन करने की आवश्यकता के बारे में बताया। मुख्यमंत्रियों ने अपने राज्यों में कोविड के मामलों और टीकाकरण की स्थिति से अवगत कराया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के जीवन और आजीविका के मंत्र का राज्य पालन कर रहा है। दिल्ली के मुख्यमंत्री ने मास्क को फिर से अनिवार्य किए जाने की भी बात कही। मिजोरम के मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मजबूत समर्थन और मार्गदर्शन ने राज्य को पिछली लहरों से उबरने में मदद की है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने जागरूकता अभियानों के बारे में भी चर्चा की। हरियाणा के मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सबसे अधिक मामले मुख्य रूप से दिल्ली के आसपास, गुरुग्राम और फरीदाबाद शहरों में देखे जा रहे हैं।

पेट्रोल और डीजल कीमतों पर भी सलाह

प्रधानमंत्री ने कोरोना पर चर्चा के साथ ही पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर भी बात की। डनहोंने कहा कि जनता पर कीमत का भार कम करने के लिए केंद्र सरकार ने उत्पाद शुल्क कम किया है और राज्यों से भी कर कम करने का अनुरोध किया है। कुछ राज्यों ने करों में कमी की, लेकिन कुछ राज्यों ने इसका लाभ लोगों तक नहीं पहुंचाया जिससे इन राज्यों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें अधिक हो गईं। यह न केवल राज्य के लोगों के साथ अन्याय है, बल्कि पड़ोसी राज्यों को भी नुकसान पहुंचाता है।

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