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एक और दवा कंपनी का डायरेक्टर गया जेल

दवा कंपनियों पर की जा रही कार्रवाई सराहनीय है। लेकिन ध्यान रहे इस मामले में अकले दवा कंपनी वाले ही जिम्मेदार नहीं है, ऊपर से लेकन नीचे तक मलाई बटी है। जाँच टीम को सभी परतों पर ध्यान देना चाहिए। डॉक्टरों की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। पाँच घंटे में 83 ऑपरेशन और वह भी एक अनहाइजेनिक स्थान पर, निश्चित रूप से इस मामले में प्रशासन-शासन सभी स्तरों पर मेडिकल नार्म्स का माखौल उड़ाया गया है। इन सभी बिन्दुओं पर जाँच केन्द्रित होनी चाहिए। संपादक

killer ciprocin
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बिलासपुर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम में सिप्रोसिन टेबलेट की सप्लाई करने वाले कोवा फार्मा, कविता फार्मास्यूटिकल्स के संचालक राजेश खरे को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे 15 दिन की न्यायकि रिमांड में जेल भेज दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग को सिप्रोसिन 500 एमजी टेबलेट की सप्लाई तिफरा स्थित कोवा फार्मा, कविता फार्मास्यूटिकल्स के  द्वारा की गई थी। गुरुवार को खाद्य व औषधि प्रशासन के अधिकारियों एवं पुलिस टीम ने उक्त फैक्ट्री में छापा मारकर जांच की, जांच में फैक्ट्री में टेबलेट नहीं मिली थी। फैक्ट्री संचालक खरे से दवा खरीदी, बिक्री, टेंडर के दस्तावेजों की मांग कर जांच की गई। जांच में पाया गया कि शिविर में मरीजों को दिए गए सिप्रोसिन 500 टेबलेट की उक्त फैक्ट्री से सप्लाई की गई है। दोनों दिन दस्तावेजों जांच की करने के बाद शुक्रवार की रात सिरगिट्टी पुलिस ने ड्रग इंस्पेंक्टर की रिपोर्ट पर धोखाधड़ी की धारा 420, 34, जीवन को संकट संक्रमण करने की धारा 276, 270 के तहत फैक्ट्री संचालक तिफरा आर्या कालोनी निवासी राजेश खरे गिरफ्तार कर दस्तावेजों को जब्त कर लिया गया। शनिवार की शाम 5 बजे आरोपी राजेश खरे को कोर्ट में पेश कर रिमांड की मांग की गई। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी राजेश खरे को 15 दिन की न्यायिक रिमांड में जेल भेजने का आदेश दिया। उसके बाद पुलिस कर्मियों ने आरोपी को जेल दाखिल कर दिया है।
साभारःhttp://www.hellocg.com/

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