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कोविड-19 के खिलाफ लॉकडाउन व सोशल डिस्टेंसिंग सबसे बड़ी वैक्सीन !

कोविड-19 के खिलाफ भारत की लड़ाई जारी है। भारत में भी इसका संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में सरकार और प्रशासन की ओर से इसे रोकने के लिए लगातार जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

डॉ. हर्षवर्धन, स्वास्थ्य मंत्री, भारत सरकार

नई दिल्ली

कोविड-19 के खिलाफ भारत की लड़ाई जारी है। भारत में भी इसका संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में सरकार और प्रशासन की ओर से इस महामारी को रोकने के लिए लगातार जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में आज मैंने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स),झज्जर, हरियाणा का दौरा किया और कोविड-19 पर काबू पाने की तैयारियों का जायजा लिया। दिल्ली में निजामुद्दीन के तबलीगी जमात के मरकज में पिछले महीने शामिल ऐसे 94 लोगों को झज्जर के इसी अस्पताल में रेफर किया गया था।

इन मरीजों की सेवा-सुश्रूषा में जुटे डॉक्टरों ने बताया कि यहां भर्ती मरीजों के साथ संवाद की कुछ समस्या जरूर आती है लेकिन सांकेतिक भाषा से काम चल रहा है। इन मरीजों में तमिलभाषी, रशियन, मलेशियाई और थाईलैंड के लोग भी शामिल हैं।यहां करीब 100 डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ की एक टीम कोविड-19 मरीजों के इलाज में दिन रात पूरी तत्परता से काम कर रही है।

मैंने आइसोलोशन व अन्य वार्डस का निरीक्षण किया। विभिन्न वार्डों के निरीक्षण और विस्तृत जायजे के बाद सभी विभागों में किए जा रहा कामकाज देखकर मुझे इस बात का भरोसा हो गया कि हम इस महामारी पर विजय हासिल कर सकते हैं। मैंने अस्पताल में तैनात स्वास्थ्य कर्मियों के अथक परिश्रम की प्रशंसा करी। मैंने उनसे कहा कि देश “संकट की इस घड़ी में आपकी सेवाओं और आपकी तत्परता के लिए आभारी है”। मैंने स्वास्थ्य कर्मियों से आग्रह किया कि वे अस्पताल में संक्रमण नियंत्रण प्रोटोकॉल का सही तरीके से पालन करें।

झज्जर में 300 कोरोना मरीजों के लिए है सुविधा

अस्पताल निरीक्षण के दौरान मीडिया से बातचीत में मैंने कहा कि कैंसर मरीजों के लिए बनाये गये झज्जर के एम्स में कोरोना के प्रकोप को देखते हुए यहां पूरी तरह कोविड 19 के 300 मरीजों के लिए समर्पित फैसिलिटी तैयार की गई है। एक फ्लोर डॉक्टर्स व अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के लिए रखी गई है। यहां मरीजों की पूरी आईडियल व साइंटिफिक तरीकों से देखभाल की जा रही है। स्वास्थ्यकर्मी हैल्थ के सभी प्रोटोकॉल का पालन कर रहे हैं। यहां मरीज फोन पर भी डॉक्टरों के अलावा नर्सिगं परामर्श भी ले सकते है। मरीजों को वाई- फाई की भी सुविधा दी गई है। मैंने बताया कि 2 मरीजों से उनके स्वास्थ्य के बारे में मैंने भी वीडियो कॉल कर कुसलक्षेम पूछी। मैंने बेहतर स्वास्थ्य हेतु उन्हें शुभकामनाएं दीं।

162 मरीज करा रहे हैं ईलाज

मैंने बताया कि एम्स के इस परिसर में अब कुल मिलाकर 162 मरीज हैं। संतोषनक बात है कि ये सभी Stable हैं। कहने का तात्पर्य है कि इनमें से कोई मरीज वेंटीलेटर्स पर नहीं है, किसी मरीज को ऑक्सीजन की जरूरत नहीं है और न ही किसी मरीज की हालत इतनी गंभीर है कि उसे सघन चिकित्सा कक्ष(ICU) में रखने की आवश्यकता महसूस हुई हो।

कोविड19 को उखाड़ फेकेंगे

मैंने कहा कि यहां मरीजों की सेवा में जुटे डॉक्टर और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की जीवट देखकर मुझे भरोसा हो गया कि भारत कोविड19 को देशभर से जल्द ही उखाड़ फेंकेगा। इसके साथ-साथ मरीजों द्वारा उपचार व तीमारदारी के बारे में संतुष्टि प्रकट करने से इस मिशन का सहनेतृत्व करने के लिए मैं असाधारण नवीन ऊर्जा से ओतप्रोत हो गया हूं। ये सभी डॉक्टर्स कोविड जैसी महामारी से पैदा हुई बेहद विषम परिस्थितियों में भी पूरी तन्मयता, मनोयोग, निष्ठा व लगन से काम में जुटे हुए हैं। इनका मनोबल बहुत ऊंचा है। इन सभी का यही जज्बा बना रहे मैं इन सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। ये सभी अपने काम को बखूबी अंजाम दें,ऐसी मेरी कामना है।

कोविड 19 के खिलाफ पीएम मोदी के कदम का जवाब नहीं

मैंने कहा कि विश्वभर में कोविड की दवा तैयार करने और उसकी वैक्सीन बनाने की दिशा में शोध कार्य चल रहे हैं लेकिन मेरा मानना है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा कोविड19 पर जीत हासिल करने के लिए उठाए गए लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग जैसे तरीकों का कोई जबाव नहीं है।

मैंने सभी देशवासियों से अपील करी कि हमने लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग पर पूरी तरह अमल कर लिया तो कोविड के खिलाफ वह सबसे बड़ी सोशल वैक्सीन साबित होंगे। मैंने कहा कि सबसे बड़ी वैक्सीन सोशल डिस्टेंसिंग है। इसलिए लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग का पूरी तरह पालन करें।

‘अंधकार से प्रकाश की ओर’

मैंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने आज रात 9 बजे के लिए हम सब से एक अपील की है ‘अंधकार से प्रकाश की ओर’ यह अभियान समाज के सभी लोगों के स्वास्थ्य को बचाने के लिए प्रेरित करेगा। इससे पहले हमने उनके 22 तारीख के जनता कर्फ्यू के आग्रह को माना और आजकल 25 तारीख के लॉकडाउन का पालन कर रहे हैं। मैं सभी देशवासियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए शुभकामनाएं देता हूं।

(यह आलेख स्वास्थ्य मंत्री ने अपने फेसबुक वाल पर आज लिखा  है)

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