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 कोविड-19  योद्धा बना भारतीय डाक, अब प्रयोगशाला परीक्षण केन्द्रों पर डाकिया लेकर जाएंगे कोविड-19 किट

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भारतीय डाक ने आईसीएमआर के 16 क्षेत्रीय डिपो के साथ एक समझौता किया है। कोविड-19 परीक्षण किट को कोविड-19 जांच के लिए नामांकित 200 अतिरिक्त प्रयोगशालाओं तक डिलीवरी  डाकिया को  करना है। आशुतोष कुमार सिंह की रिपोर्ट

नई दिल्ली/ एसबीएम

भारतीय डाक हमेशा लोगों के सुख दर्द में साथ रहा है। अब कोविड-19 किट प्रयोगशालाओं तक पहुंचाने में डाक विभाग आगे आया है। अब डाकिया कोविड-19 किट लेकर दुर्गम क्षेत्रों के प्रयोगशालाओं तक जाएंगे।

इस बावत भारतीय डाक ने आईसीएमआर के 16 क्षेत्रीय डिपो के साथ एक समझौता किया है। इसके अंतर्गत कोविड-19 परीक्षण किट को कोविड-19 जांच के लिए नामांकित 200 अतिरिक्त प्रयोगशालाओं तक डिलीवरी भारतीय डाक करेगा। इस पहल से देश के कोने-कोने में कोविड-19 परीक्षण सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद् ( आईसीएमआर ) ने देश भर में प्रतिदिन लगभग 1 लाख परीक्षण कराने का लक्ष्य तय किया है। इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए भारतीय डाक कोविड योद्धा के रूप में सामने आया है। ध्यान देने वाली बात यह है कि इस समय पूरे देश में 1,56,000 डाक घर हैं। इतना बड़ा नेटवर्क है डाक विभाग का।

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कोविड योद्धा के रूप में भारतीय डाक ने डूंगरपुर, चुरू, झारावार, कोलकाता, भुवनेश्वर, रांची, जोधपुर, उदयपुर, कोटा आदि के साथ ही इम्फाल, आइजोल जैसे दूरदराज के क्षेत्रों में सामान की डिलीवरी करने में पीछे नहीं हटा है।

केन्द्रीय संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी, कानून एवं न्याय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने आईसीएमआर और डाक विभाग के बीच इस नई प्रतिबद्धता और भागीदारी की सराहना की है। पीआईबी द्वारा जारी रिलीज में उन्होंने कहा है कि भारतीय डाक लॉकडाउन के दौरान डाक, दवाओं, घर-घर वित्तीय सहायता और जरूरतमंदों को खाना तथा राशन तक उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने माना कि भारतीय डाक विभाग के डाकिये इस चुनौतीपूर्ण समय में आगे आए हैं और राष्ट्र के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ हुए हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार समय से किट की डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए सभी कदम उठा रही है। भारतीय डाक द्वारा आईसीएमआर के साथ मिलकर 16 डिपो (14 डाक क्षेत्रों/ राज्यों में स्थित) से देश भर में स्थित 200 प्रयोगशालाओं को किट की डिलीवरी के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। इनमें से कई प्रयोगशालाएं शिवमोगा, तिरुनेलवेली, धर्मपुरी, तिरुपति, दार्जीलिंग, गंगटोक, लेह, जम्मू, ऊधमपुर, झालावार, भावनगर, शोलापुर, दरभंगा, ऋषिकेश, फरीदकोट जैसे दूरदराज के क्षेत्रों में स्थित हैं।

मिजोरम के दुर्गम क्षेत्रों में भी पहुंचा किट

भारतीय डाक कर्मचारी द्वारा समय से डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए 24 घंटे काम कर रहे हैं। आपात स्थिति को देखते हुए रात के 11.30 बजे तक डिलीवरी की जा रही हैं। भारतीय डाक जरूरत के आधार पर जोरम मेडिकल कॉलेज, मिजोरम जैसे दुर्गम क्षेत्रों में भी किट की डिलीवरी सुनिश्चित किया है।

इस व्यवस्था को सुचारू से रूप से चलाने के लिए हर क्षेत्रीय डिपो के लिए दोनों एजेंसियों (भारतीय डाक और आईसीएमआर) की तरफ से नोडल अधिकारियों की पहचान की गई है। सर्किलों में आवश्यकता को देखते हुए या तो वर्तमान व्यवस्था या नई व्यवस्था के तहत संबंधित प्रयोगशालाओं को प्राथमिकता के आधार पर सामान की आपूर्ति के लिए जरूरी समय सीमाएं तय की गई हैं। इसके बारे में आईसीएमआर के नोडल अधिकारियों को भी सूचित कर दिया गया है।

हर बुकिंग सर्किल ने एजेंसी के लिए बाधा रहित व्यवस्था के लिए संबंधित डिपो के साथ स्पीड पोस्ट का बीएनपीएल (बुक नाउ पे लेटर) खाता खोला है। प्रयोगशालाओं को वाट्सऐप के माध्यम से दैनिक आधार पर डिलीवरी से जुड़ी जानकारी साझा की जा रही है। किसी भी प्रकार की परिचालन संबंधी दिक्कत से बचने के लिए परीक्षण किट की बुकिंग और डिलीवरी का विवरण अपडेट करने के लिए सभी नोडल अधिकारियों के साथ एक गूगल स्प्रेडशीट साझा कर दी गई है।

केन्द्रीय मंत्री श्री रवि शंकर प्रसाद ने विभाग से मशीनों, परीक्षण किट और अन्य चिकित्सा उपकरणों की समय से डिलीवरी सुनिश्चित करने की दिशा में इस शुभ कार्य को जारी रखने का आह्वान किया। उन्होंने विभाग से अपने व्यापक नेटवर्क को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए प्रेरित करने और किसी भी तरह की कमी नहीं छोड़ने के लिए कहा है।

 

 

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आशुतोष कुमार सिंह

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