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कहीं आप भी तो कोरोना के सपने नहीं देखते?

कोरोना का मन पर प्रभाव

वर्तमान में जिंदगी कोरोनामय हो गई है। इससे निकलने का उपाय लेकर आईं हैं वरिष्ठ पत्रकार प्रीति पांडेय

नई दिल्ली/ एसबीएम

 पिछले 1 महीने से सुबह उठकर न्यूज चैनल लगाकर बैठ जाना हमारी दिनचर्या का सबसे पहला काम बन गया है। कहां कितने लोगों को कोरोना हुआ, कितने मरे, कितने इलाके सील हुए, क्या खुला और क्या बंद हुआ जैसे हमारी जिंदगी इसी बात के इर्द-गिर्द घूम रही है। व्हाट्सअप, फेसबुक, ट्विटर, युटुब, टिकटॉक और यहाँ तक कि जोक्स कुछ भी देख लो हर जगह बस कोरोना ही कोरोना ही नजर आता है। हर कोई कोरोना पर अपना-अपना ज्ञान बांटने को बैठा है और आप उसे  समेटने को।

सोचिये जब दिन की शुरुआत ही मौत के भय के साये में हो तो आपका दिन कैसा बीतेगा? खबरें देखने में कोई बुराई नहीं है यक़ीनन हमारे आस-पास क्या हो रहा है हमें पता होना चाहिए। आँखें बंद कर लेने से हम सच्चाई से भाग नहीं सकते लेकिन हर समय खबरों में रहना और वही सुनते रहना आपको दिमागी रूप से परेशान कर सकता है। आजकल किसी भी न्यूज चैनल की पहली और आखिरी खबर कोरोना से शुरू होकर कोरोना पर ही ख़त्म हो रही है क्योंकि देश में अभी फ़िलहाल इससे बड़ी शायद ही कोई अन्य समस्या हो।

यह भी पढ़ें- कोविड-19 : आपके घर में कोई बुजुर्ग है तो यह खबर आपके लिए है

कोरोना ने पूरे विश्व में एक तांडव मचा रखा है। उसी का नतीजा है कि हमारी हर सुबह कोरोना के नाम से शुरू होती है और रात को बिस्तर पर सोते-सोते हम बस कोरोना के नाम को ही सुनते और बोलते रहते हैं। एक तरह से हमारा हर दिन कोरोना से शुरू होकर कोरोना पर ही ख़त्म हो जाता है।

दिमागी रूप से मजबूत रहें

यह बात आप अच्छे से जानते हैं कि कोरोना से डरे नहीं बल्कि सतर्क रहें। आज हालात  ऐसे हो गए हैं कि लोगों के चेहरों पर एक दहशत सी छाने लगी है जो कि अच्छे संकेत नहीं है। आप बड़ी से बड़ी समस्या का हल तभी निकाल सकते हैं जब आप दिमागी रूप से मजबूत हों। आपने अक्सर सुना होगा कि जब भी हम निगेटिव बातों को ज्यादा सुनते या बोलते हैं तो कहीं न कहीं हमारे अंदर भी एक निगेटिविटी आ जाती है। उसका असर यह होता है कि आप स्ट्रेस से घिर जाते हैं और यह बात आप सभी जानते हैं कि स्ट्रेस आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करता है। जबकि इस समय आपको अच्छी रोग प्रतिरोधक क्षमता की जरूरत है।

तनाव मुक्त रहें

इस बात में कोई दो राय नहीं कि कोरोना एक गंभीर समस्या है और कोई भी देश इससे अछुता नहीं है। यह समस्या कब तक रहेगी इस बात का भी कुछ पता नहीं तो फिर आप यह सोच-सोच कर क्यों परेशान हैं ? और कब तक परेशान रहेंगे?  आपका जितना जरुरी अपने घर में रहना है उतना ही जरुरी है अपने आपको और अपने परिवार को इस समय तनावमुक्त रखना क्योंकि ऐसा करने से ही आपको इस कठिन समय में लड़ने की ताकत मिलेगी।

टीवी पर मनपसंद कार्यक्रम देखें

टीवी पर बहुत कुछ देखने को है, आपके पास भी बहुत कुछ करने को है तो घूम फिर कर न्यूज ही क्यों? आप अपनी मनपसंद के कार्यक्रम या फ़िल्में देख सकते हैं। बहुत से ऐसे पुराने सीरिअल भी होंगे जिन्हें आप देखना चाहते हो उन्हें आप यूट्यूब पर देख सकते हैं। लगातार निगेटिव खबरें देखने के चलते कितने लोग ऐसे होंगे जिनके सपने भी आजकल कोरोना पर आधारित ही आ रहे होंगे। सोचिये क्या स्थिति होगी उनकी? अगर आप दिमागी रूप से उतने मजबूत नहीं हैं तो आप खबरों से दूर रहें ताकि ऐसी स्थिति में न आयें।

खुद को व्यस्त रखिये

आप सोच रहें होंगे कि घर में भी लोग खुद को कितने देर तक व्यस्त रख सकते हैं। जरा सोचिये कुछ दिनों पहले ही तो आप कहा करते थे कि मुझे शौक तो है लेकिन टाइम ही नहीं मिलता। तो अभी मिले टाइम तो इस्तेमाल कीजिये अपना शौक पूरा कीजिये। हर वह काम करिये जो आप करना चाहते थे लेकिन नहीं कर पाते थे। बच्चों के साथ लूडो, कैरम और अन्य चीजे खेलिए। अपने पुराने दोस्तों से बात कीजिये। डांस कीजिये। यकीन मानिये जब आप अपना ध्यान कोरोना से हटा देंगे तो आपका डर भी खुद ब खुद ख़त्म हो जायेगा।

सच को स्वीकारिये

सच तो यह है कि आपके न्यूज देखने या न देखने से आंकड़ों पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। केस उतने ही आएंगे जितने आ रहे हैं। लेकिन बार-बार आपके देखने से आंकड़ों पर तो नहीं लेकिन आपके दिल दिमाग पर ज़रूर असर पड़ता है और यह एक चिंता का विषय है। इसलिए अपने दिमाग को कहिये कि वह अपने आपको थोड़ा व्यस्त रखे और दिल से कहिये कि “आल इज वेल”।

 

 

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