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Grassroots Innovation Festival में दिखी नवोन्मेषी भारत की झलक

नयी दिल्ली। पंखे के ब्लेड्स पर जमा होने वाले धूलकण पंखे को गन्दा करने के अलावा उसकी कार्यक्षमता को भी प्रभावित करते हैं। इनकी सफाई एक जटिल काम है। अब यह मुश्किल आसान हो गई है और एक ऐसा फिल्टर ईजाद कर लिया गया है जिसे पंखे के ब्लेड पर लगाया जा सकता है जिससे धूलकण ब्लेड पर जमा न होकर फिल्टर में जमा होते रहते हैं। कुछ समय बाद फिल्टर को आसानी से हटाकर साफ किया सकता है।

मोबाइल में डायग्नोस्टिक लैब

इसी तरह, तालाबों और नदियों जैसे जलस्रोतों में जलकुंभी का प्रकोप एक चुनौती है। इसका समाधान भी एक नवाचार के माध्यम से खोजा गया है। बीमारियों के बढ़ते बोझ के दौर में पर्याप्त डायग्नोस्टिक सेवाओं की पहुँच सीमित है। इस समस्या का समाधान एक मोबाइल डायग्नोस्टिक लैब लेकर आयी है जो बाइक पर सवार होकर गाँव-गाँव तक अपनी सेवाएं देने के लिए तैयार की गई है।

100 से अधिक इनोवेशन प्रदर्शित

वैज्ञानिक, इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकीय नवाचारों पर केंद्रित ऐसे 100 से अधिक अनूठे उत्पादों एवं सेवाओं पर केंद्रित पीपुल्स फेस्टिवल ऑफ इनोवेशन नामक प्रदर्शनी दिल्ली में दस दिनों तक लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी रही। भारत के डीप टेक्नोलॉजी (डीप-टेक) और ग्रासरूप नवाचारों पर केंद्रित मिश्रित पारिस्थितिकी तंत्र की झलक इस प्रदर्शनी में देखने को मिली। प्रदर्शनी में शामिल उत्पादों एवं सेवाओं को देखकर स्पष्ट हो जाता है कि भारत के दूरदराज हिस्सों के आम लोग और प्रतिभाशाली युवा वैज्ञानिक या इंजीनियर रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी आवश्यकताओं और चुनौतियों के आधार पर किस प्रकार प्रौद्योगिकीय समाधान और नवोन्मेषी उत्पाद ईजाद कर सकते हैं।

प्रभावी खोजों ने बढ़ाया आकर्षण

देश के प्रमुख सांस्कृतिक संस्थानों में शामिल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (IIC) द्वारा अपने हीरक जयंती वर्ष में इस प्रदर्शनी को आयोजित करने का उद्देश्य रोमांचक और प्रभावी नवाचारों का उत्सव उनके इनोवेटर्स के साथ मनाना और भारत के नवोन्मेषी सामाजिक पारिस्थितिक तंत्र में शामिल लोगों को एक मंच पर लाना है। सेंटर फॉर सेलुलर ऐंड मॉलिक्यूलर प्लेटफॉर्म्स (C-CAMP), बेंगलूरु और ग्रासरूट्स इनोवेशंस ऑग्मेंटेशन नेटवर्क (GIAN), अहमदाबाद के सहयोग से यह प्रदर्शनी इंडिया इंटरनेशनल सेंटर द्वारा आयोजित की गई।

इंडिया साइंस वायर से साभार

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