स्वस्थ भारत मीडिया
समाचार / News

2030 तक मलेरिया मुक्त होगा भारतः स्वास्थ्य मंत्री

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। मलेरिया के नियंत्रण और उसकी रोकथाम के बारे में ‘‘न केवल निदान और उपचार बल्कि हमारे व्यक्तिगत और सामुदायिक परिवेश में स्वच्छता और सामाजिक जागरूकता मलेरिया के खिलाफ हमारी सामूहिक लड़ाई और 2030 तक देश से मलेरिया को खत्म करने के हमारे लक्ष्य को पूरा करने के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण है।‘‘

विविश्व मलेरिया दिवस पर मंत्री का संबोधन

केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने विश्व मलेरिया दिवस के उपलक्ष्य में अपने संबोधन के दौरान यह बात कही। उन्होंने जोर देकर कहा, ‘‘आवश्यकता स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करने की प्रणाली के प्रगतिशील सुदृढ़ीकरण पर जोर देने और बहु-क्षेत्रीय समन्वय और सहयोग में सुधार करने की है।‘‘ हर साल, 25 अप्रैल को ‘विश्व मलेरिया दिवस‘ के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष की विषय वस्तु है वैश्विक मलेरिया रोग के बोझ को कम करने और जीवन बचाने के लिए नवाचार का दोहन।

मलेरिया उन्मूलन को प्राथमिकता मिले

डॉ. मांडविया ने राष्ट्रीय और उप-राष्ट्रीय प्रयासों के माध्यम से मलेरिया उन्मूलन को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने जोर दिया कि प्रौद्योगिकी और नवाचार का लाभ उठाने से भारत की मलेरिया उन्मूलन योजना को आगे बढ़ाने के लिए विशेष समाधान विकसित करने में मदद मिलेगी और बेहतर स्वास्थ्य, जीवन की गुणवत्ता और गरीबी उन्मूलन में योगदान मिलेगा। उन्होंने कहा कि निदान, समय पर और प्रभावी उपचार और वेक्टर नियंत्रण उपायों के बारे में जन जागरूकता पैदा करने के लिए सहयोगी संगठनों के साथ आशा, एएनएम सहित जमीनी स्तर के स्वास्थ्य कर्मियों को मिलकर काम करने की जरूरत है। उन्होंने आगे सुझाव दिया कि निजी क्षेत्र सहित प्राइवेट डॉक्टर अपने मलेरिया मामलों के प्रबंधन और जानकारी तथा संबंधित कार्यों को राष्ट्रीय कार्यक्रम से जोड़ सकते हैं। उन्होंने कहा, “जैसा कि हम नवीन प्रौद्योगिकी के उपयोग के साथ आगे बढ़ रहे हैं, भारत की ‘‘ई-संजीवनी‘‘ ने टेली-परामर्श और टेली-रेफरेंसिंग का मार्ग दिखाया है जिसका मलेरिया सहित विभिन्न स्वास्थ्य देखरेख समस्याओं के निदान और उपचार के लिए जमीनी स्तर पर व्यापक पैमाने पर उपयोग किया जा रहा है।”

124 जिले शून्य केस वाले

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने मलेरिया उन्मूलन में मिली सफलता के बारे में भी विस्तार से बताते हुए कहा कि भारत ने मलेरिया की घटनाओं और मौतों को कम करने में उल्लेखनीय प्रगति की है। हमारे प्रयासों के परिणामस्वरूप 2015 की तुलना में 2021 में मलेरिया के मामलों में 86.45ः की गिरावट और मलेरिया से संबंधित मौतों में 79.16ः कमी आई है। डॉ. मांडविया ने कहा कि देश के 124 जिलों में ‘शून्य मलेरिया केस‘ दर्ज किया गया है। मलेरिया उन्मूलन के हमारे लक्ष्य की दिशा में यह एक बड़ा कदम है, लेकिन मलेरिया मुक्त भारत के सपने को पूरा करने के लिए अभी और भी बहुत कुछ करने की जरूरत है।

मिशन मोड पर काम जारी

केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री, डॉ. भारती प्रवीण पवार ने इस बात पर प्रकाश डाला कि “2030 तक मलेरिया को खत्म करने की दिशा में काम एक मिशन मोड पर चल रहा है। केन्द्र सरकार बुनियादी ढांचे में सुधार और प्रयोगशाला सहायता सहित मलेरिया के बोझ को कम करने के लिए राज्य सरकारों के साथ जमीनी स्तर पर काम कर रही है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि जांच और उपचार में और प्रयास किए गए तो भारत 2030 तक मलेरिया उन्मूलन के सपने को हासिल कर लेगा। इस अवसर पर केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव श्री राजेश भूषण एएस और एमडी (NHM) श्री विकास शील, जेएस (MOHFW) डॉ. हरमीत सिंह ग्रेवाल, स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक डॉ. अतुल गोयल, NCDC के निदेशक डॉ सुजीत सिंह, NCVBDC के निदेशक डॉ. तनु जैन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी, भारत में WHO के प्रतिनिधि डॉ. रोडरिक ओ फ्रिन भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

Related posts

लिवर से संबंधित बिमारी आ ओकर बचाव

भारतीय कंपनी के मसाले में मिला कीटनाशक

admin

Ceiling Prices fixed for 530 Medicines

Ashutosh Kumar Singh

Leave a Comment